विशेषज्ञों ने चेताया : जांच घटा कर कोरोना की तीसरी लहर को दावत दे रही कर्नाटक सरकार

- मैसूरु में आधे से कम हुई कोविड जांच
-7500 के मुकाबले प्रतिदिन 3500 नमूनों की की हो रही है जांच

By: Nikhil Kumar

Published: 20 May 2021, 12:03 PM IST

बेंगलूरु. कर्नाटक (Karnataka) के 20 से ज्यादा जिलों में कोविड पॉजिटिविटी दर 20 फीसदी से ज्यादा है। स्वास्थ्य विशेष बार-बार ज्यादा से ज्यादा लोगों की कोविड जांच की सलाह दे रहे हैं। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने गत माह राज्य में प्रतिदिन दो लाख नमूने जांचने के प्रयास की बात कही थी। लेकिन, जांच दर लगातार घट रही है। बीते दो दिनों में तो राज्य में एक लाख से भी कम नमूने जांचे गए। कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समिति के सदस्यों ने भी इस पर चिंता जताई है। उनके अनुसार जांच दर घटाकर सरकार कोरोना की तीसरी लहर को दावत दे रही है।

मैसूरु में पॉजिटिविटी दर 55 फीसदी से ज्यादा
विशेषज्ञों ने मैसूरु जिले को लेकर विशेष चिंता जताई है। रविवार और सोमवार को मैसूरु में पॉजिटिविटी दर 55 फीसदी से ज्यादा रही है। 12 से 15 मई तक मैसूरु में पॉजिटिविटी दर 41 फीसदी से ज्यादा रही। बावजूद इसके, जिले में दैनिक जांचों की संख्या घटकर आधी हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने अप्रेल में मैसूरु जिला प्रशासन को प्रतिदिन 7,500 आरटी-पीसीआर जांच का लक्ष्य दिया था। लेकिन, बीते कुछ दिनों से प्रतिदिन करीब 3,500 नमूने ही जांचे जा रहे हैं।

प्राथमिक जांच केंद्रों सहित मैसूरु शहर में 23 जांच केंद्र थे। अब केवल 10 बचे हैं। ज्यादातर केंद्रों को कोविड मित्र केंद्र में तब्दील कर दिया गया है।

किट की कमी जांच के आड़े
नाम गुप्त रखने की शर्त पर जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि जांच किट की कमी जांच के आड़े आ रही है। ऊपर से स्वास्थ्य विभाग ने जांच से ज्यादा सिंड्रोम (लक्षण) पर निर्भरता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

सीधे उपचार
एक अन्य अधिकारी के अनुसार संक्रमण दर बढऩे के कारण जांच दर में कमी आई है। रिपोर्ट आने में दो से दिन लगते हैं। तब तक मरीज कई लोगों को संक्रमित कर चुका होगा। इसलिए लक्षण वाले मरीजों का सीधे उपचार शुरू किया जा रहा है। जांच प्रक्रिया पहले से ज्यादा लक्षित है। रैंडम व पूल टेस्टिंग लगभग बंद है। संक्रमण के लक्षण वालों पर ध्यान केंद्रित हैं।

आरटी-पीसीआर में पकड़ में नहीं आ रहे 30 फीसदी मरीज
मैसूरु जिलाधिकारी राहिणी सिंधुरी ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान आरटी-पीसीआर जांच में करीब 30 फीसदी मामले पकड़ में नहीं आ रहे हैं। फॉल्स निगेटिव वाले लोग बाद में पॉजिटिव निकल रहे हैं। इसलिए जांच दर घटाई गई है। लक्षण के आधार पर पीडि़तों का उपचार जारी है। उन्होंने लोगों से लक्षण सामने आते ही उपचार शुरू करने की अपील की।

उचित परामर्श ले सकते हैं
सिंधुरी ने बताया कि जिले के 125-150 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित कोविड देखभाल केंद्रों व कुछ अस्पतालों को कोविड मित्र में तब्दील किया गया है। लक्षण वाले लोग आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट के बिना कोई भी केंद्र पहुंच स्वास्थ्य अधिकारियों से उचित परामर्श ले सकते हैं।

Nikhil Kumar Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned