मार्गदर्शन मूल्य की दोगुनी कीमत पर नियमित होगी जमीन

जमीन-अब घिरे भूखंडों के लिए अदा करनी होगी कीमत

By: Sanjay Kulkarni

Published: 16 Sep 2020, 05:16 PM IST

बेंगलूरु. राज्य सरकार ने बेंगलूरु आसपास के क्षेत्रों की 'बी खरबÓ जमीन को मार्गदर्शन मूल्य की दोगुनी कीमत पर नियमित करने का फैसला किया है। किसी प्रोपर्टी का मालिक दोगुनी कीमत देकर उसे हासिल कर सकता है।दरअसल, बी खरब जमीन की संज्ञा उस गैर कृषि योग्य भूमि दो दी गई है जिसे किसी दूसरे कार्य के लिए रूपांतरित नहीं किया जा सकता। यह वो जमीन है जो किसी निजी संपत्ति के मालिक अथवा किसी संस्था या संगठन के बीच घिर गई है। इस जमीन का उपयोग अब मार्गदर्शन मूल्य की दोगुनी कीमत देकर आम आदमी कर सकता है।

राजस्व मंत्री आर.अशोक ने कहा कि अभी तक परिसंपत्तियों के मालिक इस जमीन का गैर आधिकारिक रूप से अपने उपयोग में ला रहे थे। उदाहरण के तौर पर 10 एकड़ की एक जमीन का एक छोटा सा हिस्सा इसमें फंस जाता है। उस जमीन का मालिक उसका उपयोग अभी तक गैर आधिकारिक तरीके से कर रहा था। अब आगे उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। ऐसी 'बी खरबÓ भूमि को नियमित करने के लिए मंत्रिमंडल ने कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम के प्रावधानों में संशोधन करने का निर्णय किया है।

इससे पहले मंत्रिमंडल ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी मार्गदर्शन मूल्य की चार गुणा कीमत पर ऐसी जमीनों को वैध बनाने के विषय पर चर्चा की। लेकिन, फिलहाल केवल शहरी क्षेत्रों तक ही इसे सीमित करने का निर्णय किया। कानून मंत्री जे सी मधुस्वामी ने कहा कि यह फैसला केवल बेंगलूरु और शहर के 18 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों के लिए है। इस कदम से सरकारी खजाने में राजस्व बढऩे की उ मीद है।

इसके साथ ही रियल्टी प्लॉट में फंसे जमीन के टुकड़ों का स्थायी रूप से उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक बेंगलूरु शहरी और ग्रामीण जिले में लगभग 21 हजार एकड़ 'बी खरबÓ जमीन है। इसमें वो भूमि भी शामिल है जो घिरी हुई है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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