कानून में बदलाव कर कर्ज लेगी सरकार

मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी

By: Sanjay Kulkarni

Published: 16 Sep 2020, 04:42 PM IST

बेंगलूरु. कोरोना महामारी के कारण राज्य सरकार के राजस्व में भारी गिरावट हुई है। इससे निपटने के लिए राज्य सरकार 33 हजार करोड़ रुपए का ऋण लेने की योजना बना रही है। इसके लिए कानून में संशोधन किया जाएगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया है।

कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्री जेसी मधुस्वामी ने बैठक के पश्चात बताया कि राज्य सरकार वार्षिक बजट के अनुपात में 3 फीसदी ऋण ले सकती है लेकिन केंद्र सरकार ने 5 फीसदी तक ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत राज्य को 33 हजार करोड़ रुपए का ऋण मिल सकता है लिहाजा राज्य सरकार ने इस विकल्प के तहत विकास कार्यों के लिए ऋण लेने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक लोकसेवा आयोग में सरकारी कर्मचारियों की नियुक्तियों के दौरान हुई धांधलियों को लेकर आयोग के सदस्यों से पूछताछ पर अंतिम फैसला करने के लिए तीन मंत्रियों की समिति का गठन किया गया है। समिति में उनके अलावा गृहमंत्री बसवराज बोम्मई तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ के सुधाकर होंगे। इस मामले को लेकर कांग्रेस जनता दल एस के नेतृत्ववाली सरकार ने भी राज्यपाल से अनुमति मांगी थी। लेकिन केपीएससी के सदस्यों के खिलाफ जांच के लिए राज्यपाल की नहीं बल्कि राष्ट्रपति के अनुमति की आवश्यकता है। लिहाजा मंत्रियों की यह समिति राज्य सरकार को सिफारिश देगी।उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में वित्तीय संकटों से जूझ रही राज्य की सभी बिजली वितरण कंपनियों को विभिन्न वाणिज्य बैंकों से 5 हजार 595 करोड़ रुपए का ऋण लेने की अनुमति देने का फैसला किया गया है।

बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका की 18 किलोमीटर के दायरे में सरकारी भूमि के उपयोग के राजस्व विभाग के कर्नाटक भूमि सुधार कानून 1964 में संशोधन की मंजूरी प्रदान की गई है।मैसूरु शहर में एलइडी बल्ब उत्पादन इकाई स्थापित की जाएगी इसके लिए 89 करोड़ 69 लाख रुपए का अनुदान मंजूर किया गया है। नगर निकायों को स्ट्रीट लाइट के लिए एलइडी बल्ब की आपूर्ति यहीं से की जाएगी। यह एक प्रयोग है। इसकी सफलता को देखते हुए अन्य शहरों में विस्तार किया जाएगा। सभी नगर निकायों के लिए एलइडी बल्ब का उत्पादन इसी तरह स्थानीय स्तर पर करने का लक्ष्य है।उन्होंने कहा कि दिल्ली में कर्नाटक भवन ढहा कर उसी जगह नया भवन बनाने की अनुमति दी गई है। इसके लिए 120 करोड़ रुपए का अनुदान मंजूर किया गया है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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