अपहरण तथा हत्या के मामले की पुर्नजांच के निर्देश

राज्य उच्च न्यायालय ने वर्ष 2010 में बेंगलूरु ग्रामीण जिले के तहसील मुख्यालय दोड्डबल्लापुर में महावीर जैन नामक युवक का अपहरण तथा हत्या के मामले की पुन: जांच करने के आदेश दिए है।इस मामले में अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र में कई त्रृटियां उजागर होने पर उच्च न्यायालय ने पुलिस को इस मामले की पुन: जांच कर नया आरोप पत्र दायर करने के निर्देश दिए है।

बेंगलूरु. इससे पहले दोड्डबल्लापुर के जिला सत्र अदालत ने दोड्डबल्लापुर टाउन पुलिस की ओर से दायर आरोप पत्र के आधार पर इस मामले की सुनवाई करते हुए 26 अगस्त वर्ष 2013 में इस मामले के 4 अभियुक्तों को निर्दोष करार देते हुए उनकी रिहाई के निर्देश दिए थे।उच्च न्यायालय न्यायाधीश एसएन सत्यनारायण न्यायाधीश एचपी संदेश के नेतृत्ववाली विभागीय पीठ ने इस मामले को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका की सुनवाई करते हुए दोड्डबल्लापुर जिला सत्र अदालत के फैसले पर स्थगनादेश दिया है।साथ में इस मामले की जांच कर त्रृटीयुक्त आरोप पत्र दायर करनेवाले जांच अधिकारी एसटी सिद्धलिंगप्पा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए है। इस मामले की नए सिरे से जांच का दायित्व किसी दूसरे जांच अधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए है।

उच्च न्यायालय ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को इस मामले में जांच अधिकारी की नियुक्ति एक माह में करने के साथ इस मामले की जांच तीन माह में पूरी करने लिए सूचित किया है। साथ में उच्च न्यायालय ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को इस मामले की जांच की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए है।उच्च न्यायालय ने दोड्डबल्लापुर जिला सत्र न्यायालय को इस मामले की सुनवाई छह माह में पूरी करने के लिए सूचित किया है। उच्च न्यायालय ने इस मामले में मृतक व्यक्ति की बहनों का बयान दर्ज नहीं करने पर आपत्ती व्यक्त की है।साथ में इस मामले की जांच के दौरान सबुतों की अनदेखी के कारण से ही मामले की सही जांच नहीं होने की बात कही है।

क्या था मामला

दोड्डबल्लापुर टाउन थाने में वर्ष 2010 अगस्त माह में महावीर जैन (19) के पिता ने पुत्र लापता होने की शिकायत दर्ज की गई थी। कुछ दिनों के पश्चात महावीर जैन का क्षतविक्षत शव मिला था। इस मामले में संदिग्धों के नाम बताने पर भी पुलिस ने उनको गिरफ्तार नहीं किया था। उसके पश्चात महेशकुमार, पीआर प्रकाश, किरण तथा शिवानंद के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था। इनमें से आरोपी किरण तथा महावीर एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। किरण महावीर से बार-बार पैसे की मांग कर उसे प्रताडित करता था। उसके पश्चात किरण तथा उसके तीन साथियों ने महावीर का अपहरण कर उसकी 27 बार चाकू से गोद कर हत्या की थी।

Sanjay Kulkarni Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned