कर्नाटक में महाराष्ट्र से आने वालों के लिए भी निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य

  • कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद राज्य सरकार ने जारी किया परिपत्र
  • केरल के लिए पहले से लागू
  • अधिकतम 72 घंटे की अवधि का आरटी-पीसीआर रिपोर्ट जरूरी

By: Rajeev Mishra

Updated: 22 Feb 2021, 01:59 AM IST

बेंगलूरु. पड़ोसी महाराष्ट्र और केरल में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियातन सख्त कदम उठाए हैं। अब इन दोनों राज्यों से कर्नाटक में प्रवेश करने वाले हर यात्री के लिए आरटी-पीसीआर निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। रिपोर्ट 72 घंटे से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। शहर में कोरोना के दो नए क्लस्टर मिलने के बाद केरल के लिए एक सप्ताह पहले से ही यह व्यवस्था लागू है।

यहां शनिवार को राज्य कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समिति की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री डॉ.के. सुधाकर ने कहा कि महाराष्ट्र और केरल से जुड़े सीमावर्ती जिलों के लिए सर्कुलर जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि औसतन केरल में हर रोज 4 से 5 हजार जबकि महाराष्ट्र में 5 से 6 हजार कोविड-19 के मामले आ रहे हैं। कर्नाटक की सीमाएं इन दोनों राज्यों से जुड़ी हुई हैं। इसलिए सर्कुलर जारी किया गया है। अब केरल और महाराष्ट्र से राज्य में आने वालों को निगेटिव आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा। बस में रिपोर्ट दिखाने पर टिकट जारी होगा अथवा ऑनलाइन टिकट बुक कराने पर कंडक्टर रिपोर्ट देखेगा। विमान में सवार होने से पहले रिपोर्ट दिखानी होगी और निजी वाहनों से आने वालों के रिपोर्ट की जांच टोल नाकों अथवा प्रवेश बिंदुओं पर होगी।
दरअसल, राज्य का दक्षिण कन्नड, उडुपी, कोडुगू, बेलगावी, हुब्बल्ली, मैसूरु, चामराजनगर जिला केरल और महाराष्ट्र राज्यों की सीमा से जुड़ा है। इन जिलों में इन दोनों राज्यों से लोगों की आवाजाही होती है।
उन्होंने कहा कि राज्य में दक्षिण अफ्रीका या ब्राजीलियाई स्ट्रेन अभी नहीं पाया गया है। ब्रिटेन स्ट्रेन के मामले सामने आए हैं। लेकिन, राज्य में उसका प्रसार नहीं होने दिया गया। राज्य में अभी तक 6 लाख से ज्यादा लोगों को टीका लगाया गया है। लेकिन, वे इससे संतुष्ट नहीं है। उम्मीद है कि कोरोना की दूसरी लहर को रोकने में स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण के महत्व को समझेंगे।

राज्य में दक्षिण अफ्रीका या ब्राजीलियाई स्ट्रेन अभी नहीं पाया गया है। ब्रिटेन स्ट्रेन के मामले सामने

राज्य में अब लॉकडाउन नहीं
बृहद बेंगलूरु महानगरपालिका (बीबीएमपी) आयुक्त एन.मंजुनाथ प्रसाद के दोबारा लॉकडाउन लागू करने की चेतावनी के एक दिन बाद ही डॉ के.सुधाकर ने साफ किया कि राज्य में कहीं भी आंशिक या पूर्ण लॉकडाउन अथवा रात्रि कफ्र्यू की स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा 'अभी तक ऐसा कुछ भी तय नहीं है। हम किसी भी तरह आंशिक या पूर्ण लॉकडाउन नहीं लगाना चाहते। हम सिर्फ एहतियाती उपायों को लागू करना चाहते हैं ताकि कोविड-19 के मामले कम रहे। यह लोगों के सहयोग से ही संभव है। हर किसी के लिए यह आवश्यक है कि वह कोविड-19 सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज नहीं करें और सुरक्षित रहें।Ó एक दिन पहले ही बीबीएमपी आयुक्त ने चेतावनी दी थी कि अगर लोग सावधानी नहीं बरतेंगे और कोरोना सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करेंगे तो फिर से लॉकडाउन लागू किया जाएगा।

Rajeev Mishra Reporting
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