विवाह मंडपों में तैनात होंगे मार्शल

- कोरोना की दूसरी लहर को रोकने की कवायद
- फेस मास्क और सामाजिक दूरी (face mask and social distancing) के पालन पर रखेंगे नजर

By: Nikhil Kumar

Updated: 23 Feb 2021, 01:05 PM IST

बेंगलूरु. पड़ोसी राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच विवाह समारोहों में कोविड-19 सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने के लिए सरकार बेंगलूरु (Bengaluru) सहित अन्य शहरों में विवाह गृहों में मार्शल तैनात करेगी। इसके साथ ही कैटरिंग सेवा प्रदाताओं के लिए भी कोरोना जांच अनिवार्य की गई है। कार्यक्रमों में 500 से अधिक लोगों के भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और फेसमास्क लगाना अनिवार्य होगा।

जिलाधिकारियों के साथ सोमवार को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग (video conferencing) के बाद मीडिया से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के. सुधाकर (Dr. K. Sudhakar) ने कहा कि विभिन्न समारोह में शामिल हो रहे लोग कोरोना नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। एक कार्यक्रम के दौरान लोगों ने उनसे भी मास्क हटाने का आग्रह किया। इसलिए, कोविड (covid) नियंत्रण दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए मार्शलों को तैनात करने की आवश्यकता है। एक सभा में 500 से अधिक लोगों को जाने की अनुमति नहीं है और सभी के लिए फेस मास्क अनिवार्य है। मार्शल फेस मास्क और सामाजिक दूरी का पालन कराएंगे। बेंगलूरु और अन्य शहरों में मार्शल फेस मास्क और सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने वालों से जुर्माना वसूलते रहे हैं।

नहीं चाहते महाराष्ट्र जैसी स्थिति
बैठकों और सभाओं में नियमों का उल्लंघन आम होता जा रहा है। यदि मामले बढ़े हैं तो हमें सख्त दिशा-निर्देश लागू करने पड़ सकते हैं। हम महाराष्ट्र जैसी स्थिति नहीं चाहते जहां कुछ क्षेत्रों में लॉकडाउन लगाया गया है। हालांकि, सुधाकर ने कहा कि राज्य में अभी फिर से लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

दोहरे पंजीकरण से बढ़ी परेशानी
डॉ. सुधाकर ने बताया कि 4.24 लाख से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों और 1.2 लाख से ज्यादा फ्रंटलाइन वर्कर्स (Health and Frontline workers) को कोविड की पहली वैक्सीन लग चुकी है। दोहरे पंजीकरण के कारण परेशानी बढ़ी है। पंजीयन सूची दुरुस्त करने पर काम जारी है। मार्च के अंत तक 80-90 फीसदी लाभान्वितों के टीकाकरण का लक्ष्य है। उन्होंने खुद भी लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील की है। मुख्यमंत्री बी. एस. येडियूरप्पा व्यक्तिगत तौर पर टीकाकरण अभियान की निगरानी कर रहे हैं। सप्ताहांत में इस संबंध में वे अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक करेंगे।

टीकाकरण में बेंगलूरु पीछे
उन्होंने कहा कि टीकाकरण (Covid Vaccination) में राजधनी बेंगलूरु पीछे हैं। बेंगलूरु, बागलकोट और चामराजनगर जिले में टीकाकरण दर 50 फीसदी से कम है। चिकबल्लापुर जिले में 79 फीसदी, तुमकूरु जिले में 78 फीसदी, उत्तर कन्नड़ जिले में 73 फीसदी, गदग जिले में 71 फीसदी, चिकमगलूरु जिले में 70 फीसदी और चामराजनगर जिले में 27 फीसदी लाभान्वितों ने वैक्सीन लगवाई है। बागलकोट जिले में 23 फीसदी और बेंगलूरु शहरी जिले में 26 फीसदी लाभान्वितों ने वैक्सीन लगवाई।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

- महाराष्ट्र और केरल (Maharashtra and Kerala) से कर्नाटक आने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। लेकिन, आरटी-पीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य है

- चरणबद्ध तरीके से स्कूल (Schools in Karnataka) खुल रहे हैं। कोविड मामलों में वृद्धि नहीं हुई है।

- कोरोना वायरस (corona virus) के संक्रमण की संभावित दूसरी लहर को रोकने के लिए प्रदेश सरकार जरूरी कदम उठा रही है। मार्च के बाद आम जनता के लिए कोविड टीकाकरण अभियान शुरू करने की योजना है। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार लेगी। दिशा-निर्देशों का इंतजार है।

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Nikhil Kumar Reporting
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