Karnataka political Crisis : 18 जुलाई को साबित करना होगा विश्वास मत

Karnataka political Crisis : 18 जुलाई को साबित करना होगा विश्वास मत

Rajendra Shekhar Vyas | Updated: 15 Jul 2019, 07:40:04 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

-स्पीकर ने दिए गठबंधन सरकार को निर्देश
- सियासी संकट का हो जाएगा फैसला

बेंगलूरु. प्रदेश की सत्तारूढ़ Congress-JD-S coalition government को 18 जुलाई को 11 बजे बहुमत साबित करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष के.आर रमेश कुमार ने कहा कि 'मैंने मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को निर्देश दिया है कि वे गुरुवार को VIDHAN SABHA में बहुमत साबित करें।' स्पीकर के इस निर्देश के बाद पिछले दस दिनों से जारी सियासी संकट का हल निकलने की उम्मीद है।
दरअसल, 16 विधायकों के resignation देने और दो निर्दलीय मंत्रियों के समर्थन वापस लेने की घोषणा से 224 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस-जद-एस गठबंधन के विधायकों की संख्या 100 रह गई है। स्पीकर को लेकर यह संख्या 101 तक पहुंचती है वहीं दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन से भाजपा की संख्या 107 तक पहुंच रही है। अगर सभी 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर होते हैं तो विधानसभा में सदस्यों की संख्या 208 रह जाएगी और सरकार गठन के लिए 105 विधायकों की जरूरत होगी जो भाजपा के पास है। ऐसे में राज्य में नई सरकार के गठन की संभावनाएं बढ़ गई है। हालांकि, गंभीर राजनीतिक संकट का सामना कर रहे Chief Minister HD Kumaraswamy ने विश्वास व्यक्त किया कि वे विधानसभा में विश्वासमत का सामना करेंगे और जीतेंगे।
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को हुई विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भाजपा नेताओं ने सोमवार को ही सदन में Vote of confidence पेश किए जाने की जिद की। लेकिन परस्पर चर्चा के बाद स्पीकर ने विश्वास मत पेश करने के लिए गुरुवार सुबह 11 बजे का समय तय किया जिस पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई। speaker के कक्ष में दोपहर सवा बजे तक चली कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के कारण विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित समय 12:30 बजे शुरू नहीं हो पाई।
दोपहर में 2:25 बजे जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो स्पीकर रमेश कुमार ने कहा कि उनके कक्ष में चली कार्य मंत्रणा समिंति की बैठक में लंबी चर्चा के बाद यह तय हुआ है कि मुख्यमंत्री विश्वास मत का सामना करेंगे। गुरुवार सुबह 11 बजे विश्वास मत के प्रस्ताव पर बहस शुरू होगी। हालांकि, सदन में विश्वास मत का नोटिस मिलने के बाद सत्ता पक्ष को 10 दिन का समय देने का provision है लेकिन परस्पर सहमति से यह समय तय किया गया है।
स्पीकर ने कहा कि विश्वासमत का नोटिस मिलने के बाद सदन का कामकाज चले या नहीं चले इस पर बैठक में गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने संसदीय प्रक्रियाओं के अनुरूप सभी को विश्वास में लेकर बातचीत का प्रस्ताव रखा। सदन का कार्यकलाप जारी रखने में कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन जब विपक्ष के नेता येड्डियूरप्पा ने कहा कि वे सदन के कार्यकलाप में भाग नहीं लेंगे तो उन्हें लगा कि विपक्ष के बिना सदन का proceedings चलाना सही नहीं रहेगा।
स्पीकर ने कहा कि विश्वासमत के दौरान भाषा पर नियंत्रण रखें। संसदीय लोकतंत्र का मजाक नहीं बनना चाहिए। इसके बाद उन्होंने दोपहर 2:34 बजे सदन की कार्यवाही को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले भाजपा के के.जी. बोपय्या, माधुस्वामी की अगुवाई में भाजपा के एक delegation ने स्पीकर से भेंट करके कुमारस्वामी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया और प्रस्ताव को सोमवार को ही सदन में पेश किए जाने का अनुरोध किया।

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