कर्नाटक: येड्डियूरप्पा के मुख्यमंत्री पद पर क्यों लटकी वैधता की तलवार

Ram Naresh Gautam

Publish: May, 17 2018 07:51:15 PM (IST)

Bengaluru, Karnataka, India
कर्नाटक: येड्डियूरप्पा के मुख्यमंत्री पद पर क्यों लटकी वैधता की तलवार

मुख्यमंत्री के तौर पर येड्डियूरप्पा की नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर निर्भर पर रहेगी

बेंगलूरु. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी एस येड्डियूरप्पा ने गुरुवार को अपनी नियुक्ति की वैधता पर लटकती तलवार के बीच राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। मुख्यमंत्री के तौर पर येड्डियूरप्पा की नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर निर्भर पर रहेगी। शीर्ष अदालत शुक्रवार को भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सरकार बनाने का मौका देने के राज्यपाल के फैसले को चुनौती देने वाली कांग्रेस और जद ध की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। बुधवार रात देर दोनों पार्टियों की ओर से याचिकाओं पर शीर्ष अदालत की तीन जजों के पीठ ने सुनवाई की और सुबह करीब 5 बजे दिए गए फैसले में येड्डियूरप्पा के सुबह 9 बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने से मना कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करने के साथ ही गुरुवार दो बजे तक भाजपा से समर्थक विधायकों की सूची मांगी थी। शीर्ष अदालत में शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे मामले की अगली सुनवाई होनी है।


तीसरी बार मिली गद्दी
राजभवन के ग्लास हाउस में आयोजित समारोह में राज्यपाल वजूभाई वाळा ने येड्डियूरप्पा को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। येड्डियूरप्पा ने कन्नड़ में ईश्वर व किसानों के नाम पर शपथ ली। येड्डियूरप्पा तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। इससे पहले 2007 और मई 2008 से अगस्त 2011 के बीच मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यह दूसरा मौका है जब बहुमत नहीं होने के बावजूद येड्डियूरप्पा मुख्यमंत्री बने हैं। 2007 में जद ध के समर्थन वापस लेने के कारण येड्डियूरप्पा सिर्फ 7 दिन मुख्यमंत्री रह पाए थे।


अकेले ली शपथ
येड्डियूरप्पा ने अकेले ही शपथ ली। विधानसभा में बहुमत साबित होने के बाद येड्डियूरप्पा मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, जगत प्रकाश नड्ढा अनंत कुमार, सदानंद गौड़ा, प्रकाश जावड़ेकर के अलावा पार्टी के नव निर्वाचित विधायक भी उपस्थित थे।


कांग्रेस-जद ध के विधायकों ने दिया धरना
येड्डियूरप्पा को सरकार बनाने का मौका देने और शपथ ग्रहण समारोह के विरोध में कांग्रेस और जद ध के विधायकों ने विधानसौधा स्थित गांधी प्रतिमा के सामने धरना भी दिया।

 

मनोनयन पर रोक की मांग की
इस बीच, कांग्रेस और जद (ध) ने सर्वोच्च न्यायालय में एक अलग याचिका दायर कर येड्डियूरप्पा के विश्वास मत हासिल करने तक विधानसभा में आंग्ल भारतीय सदस्य के मनोनयन पर रोक लगाने की मांग की है। 225 सदस्यीय विधानसभा में 224 सदस्य निर्वाचित होते हैं जबकि एक सदस्य को राज्यपाल मनोनीत करते हैं। इस याचिका पर भी शुक्रवार को सुनवाई होने की संभावना है।

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

Ad Block is Banned