खुशबू ने स्वीकारा संयम पथ, 18 को चेन्नई में दीक्षा

Shankar Sharma

Publish: Jul, 13 2018 10:05:43 PM (IST)

Bangalore, Karnataka, India
खुशबू ने स्वीकारा संयम पथ, 18 को चेन्नई में दीक्षा

राजस्थान के राजसमन्द जिले के बड़ाखेड़ा की बेटी खुशबू ने संयम पथ स्वीकार किया है। वह 18 जुलाई को चेन्नई में आचार्य महाश्रमण से दीक्षा ग्रहण करेंगी।

बेंगलूरु. राजस्थान के राजसमन्द जिले के बड़ाखेड़ा की बेटी खुशबू ने संयम पथ स्वीकार किया है। वह 18 जुलाई को चेन्नई में आचार्य महाश्रमण से दीक्षा ग्रहण करेंगी। इससे पूर्व १४ जुलाई को बेंगलूरु के यशवंतपुर में वरघोड़ा निकाला जाएगा। वरघोड़ा सुबह ८.३० बजे यशवंतपुर स्थित मदनलाल सागरमल आच्छा के निवास से शुरू होगा।

इसके बाद १०.१५ बजे मंगल भावना समारोह व रात्रि ८ बजे से तेरापंथ भवन यशवंतपुर में धम्म जागरण होगा। गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा यशवंतपुर के अध्यक्ष प्रकाशचंद बाबेल व सचिव गौतमचंद मूथा ने बताया कि १८ जुलाई को सुबह चेन्नई के पेरम्बूर स्थित बंकिंघम एवं कार्निटिक गार्डन में आचार्य महाश्रमण मुमुक्षु खुशबू को दीक्षा प्रदान करेंगे। इससे पूर्व शनिवार को साध्वी कंचन प्रभा के सान्निध्य में मुमुक्षु खूशबू आच्छा के सम्मान में वर घोड़ा भी निकाला जाएगा।


संन्यास आश्रम सबसे अच्छा
इस अवसर पर मुमुक्षु खूशबू ने कहा कि संसार में चार आश्रमों में सबसे अच्छा संन्यास आश्रम है। उन्होंने कहा कि वैवाहिक जीवन में कोई रुचि नहीं है।

२५ मार्च १९८७ को चेन्नई में जन्मी मूलत: राजस्थान के बड़ाखेड़ा की खुशबू ने बीए संस्कृत, एम ए जैनोलोजी, एमबीएम फाइनेंस व एमए साइंस ऑफ लिविंग में किया। वे वर्ष २०११ से अध्यात्म से जुड़ी हैं। वहीं उनके पिता ने कहा कि मुझे खुशी है कि मेरी बेटी ने संयम पथ स्वीकार किया है। खुशबू के एक भाई व दो बहिनें हैं। गौरतलब है कि एक ही परिवार से छह साध्वियां तेरापंथ संघ से जुड़ चुकी हैं।

विश्व शांति के प्रेरक थे आचार्य महाप्रज्ञ
बेंगलूरु. जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा विजयनगर के तत्वावधान में आचार्य महाप्रज्ञ का ९९वीं जयंती बुधवार रात अर्हम भवन में मुनि रणजीत कुमार, मुनि रमेश कुमार के सान्निध्य में प्रज्ञा दिवस के रूप में मनाया गया। मुमुक्षु खुशबू आच्छा का मंगलभावना कार्यक्रम भी हुआ।


मुनि रणजीत कुमार ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ ऐसे महापुरुष थे, जो स्थूल जगत को छोड़ सूक्ष्म जगत में जीते थे। उन्होंने मानव समाज को अनेकानेक अवदान दिए, जिनकी उपयोगिता आज भी है। मुनि रमेश कुमार ने कहा कि व्यक्तित्व की पहचान का आधार आचार विचार और व्यवहार है। आचार्य महाप्रज्ञ के व्यक्तित्व की श्रेष्ठता इनमें में झलकती है।


मुख्य अतिथि आदि चुनचुन गिरि शाखा मठ के सौम्यानाथ स्वामी ने कहा कि तेरापंथ धर्मसंघ के सभी आचार्य महात्यागी हैं। आदि चुनचुन गिरी एवं तेरापंथ धर्मसंघ का निकट सम्बन्ध रहा है। बालगंगाधर स्वामी एवं आचार्य महाप्रज्ञ डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने मिलकर अनेक कार्य किए हैं। बिड़दी के वैर मंगला शिव मठ के मठपति नागराज स्वामी ने भी आचार्य को दिव्य पुरुष बताया। अणुव्रत समिति अध्यक्ष कन्हैयालाल चिपड़, धनराज टांटिया, उम्मेदमल नाहटा, महिला मंडल मंत्री महिमा पटावरी ने भी विचार व्यक्त किए।


प्रारंभ में छतरसिंह मालू, मनोहर बोहरा ने महाप्रज्ञ अष्टकम प्रस्तुत किया। सभा अध्यक्ष बंशीलाल पितलिया ने मुमुक्षु खुशबू के प्रति मंगल भावना व्यक्त की। तेयुप अध्यक्ष दिनेश मराठी ने खुशबू का परिचय दिया। महिला मंडल ने सामूहिक गीत व बरखा पुगलिया, सुवालाल चावत ने गीत पेश किया। संचालन मंत्री कमल तातेड़ ने किया। श्रेयांस गोलछा ने धन्यवाद दिया।

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