इस वर्ष कृषि मेले में रौनक नहीं

कृषि मेले पर महामारी का असर

By: Sanjay Kulkarni

Published: 13 Nov 2020, 08:50 PM IST

बेंगलूरु. कोरोना वायरस महामारी के कारण इस बार कृषि मेले पर भी असर पड़ा है और आयोजन बेहद फीका दिख रहा है। सरकारी दिशा निर्देशों के कारण मेले का सादगी के साथ आयोजन किया जा रहा है। मेले में हर साल राज्य के हजारों किसान भाग लेते थे लेकिन इस किसानों की संख्या काफी कम है और उत्साह भी पूरी तरह नदारद है।

कृषि विवि के कुलपति डॉ एस.राजेंद्र के अनुसार कृषि क्षेत्र में कृषिविद तथा विद्यार्थियों के अनुसंधान तथा विकसित की गई नई किस्म की फसलों से किसान वंचित ना रहें, इसलिए किसानों की संख्या को नियंत्रित कर मेले का आयोजन किया जा रहा है।

सोशल मीडिया के माध्यम से ही मेले में लगे स्टॉल्स देखने की व्यवस्था की गई है। किसानों की आशंकाओं का आनलाइन समाधान किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि महामारी के कारण उपज के विपणन को लेकर कई समस्याएं आ रही हैं। किसानों ने इसके लिए ऑनलाइन समेत कई विकल्प आजमाए हैं।

किसान अब कृषि उपज सीधे उपभोक्ता को बेच रहे हैं। कई किसानों ने कृषि उपज दलालों को बेचने के बदले उपभोक्ताओं को बेचकर मुनाफा कमाया है। मेले के दूसरे दिन गुरुवार को बेंगलूरु शहर, मंड्या, मैसूरु तथा चामराजनगर जिलों के किसानों को पुरस्कृत किया गया।

Sanjay Kulkarni Reporting
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