बागियों को सबक सिखाने में सफल रहे कुमारस्वामी

बागियों को सबक सिखाने में सफल रहे कुमारस्वामी

Ram Naresh Gautam | Publish: May, 17 2018 06:49:02 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

जद (ध) से बगावत कर सात ने थामा था कांग्रेस का दामन लेकिन चार की हुई पराजय

बेंगलूरु. जनता दल ध के प्रदेश प्रमुख एचडी कुमारस्वामी इस विधानसभा चुनाव में एक ओर तो किंग बन कर सामने आए हैं, वहीं दूसरी ओर उन्होंने पार्टी से बगावत करने वालों को भी सबक सिखा दिया। कुमारस्वामी के लिए यह चुनाव कई बागी नेताओं को सबक सिखाने के लिए भी जाना जाएगा। दो वर्ष पूर्व जब जद (ध) के सात विधायकों ने पार्टी से खुलेआम बगावत कर कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन दिया तो यह बात एचडी देवेगौड़ा और कुमारस्वामी को कतई रास नहीं आई। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सातों विधायक कांग्रेस में चले गए और उन्हें कांग्रेस ने टिकट भी दिया था। हालंाकि कांग्रेस की उम्मीदों के मुताबिक उन्हें सफलता नहीं मिली और 7 में से मात्र 3 ही इस बार जीत हासिल कर सके।

जद (ध) से कांग्रेस में आए जमीर अहमद खान को चामराजपेट से, अखंड श्रीनिवासमूर्ति को पुलकेशीनगर से और भीमा नायक को हागरिबोम्मनहल्ली से जीत मिली। वहीं नागमंगला में चेलुवराय स्वामी, मागड़ी में एच.सी. बालकृष्णा, श्रीरंगपट्टण में रमेश बंडीसिद्दे गौड़ा और गंगावती में इकबाल अंसारी को हार का सामना करना पड़ा। इन सभी सीटों पर जद (ध) ने पूरी ताकत झोंकी थी ताकि बगावत करने वालों को सबक सिखाया जा सके। पार्टी इसमें सफल भी रही क्योंकि सात में से चार बागियों को हार का समाना करना पड़ा है।


40 हजार से ज्यादा मतों से मिली हार
संयोग से जिन चार बागियों को हार का समाना करना पड़ा उनमें नागमंगला में चेलुवराय स्वामी को जद (ध) के सुरेश गौड़ा से 47,667 मतों से, मागड़ी में एचसी बालकृष्णा को जद (ध) के ए. मंजुनाथ से 51,425 मतों से और श्रीरंगपटणा में रमेश बंडिसिद्दे गौड़ा को जद (ध) के रवीन्द्र श्रीकांतैया से 43688 मतों कें अंतर से करारी हार का सामना करना पड़ा। वहीं गंगावती में इकबाल अंसारी को भाजपा उम्मीदवार से 7973 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा।


कुमार छोड़ सकते हैं रामनगर क्षेत्र
प्रदेश जनता दल (ध) के अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी रामनगर तथा चन्नपट्टण दोनों क्षेत्रों से चुनाव जीतने के पश्चात रामनगर से त्यागपत्र देने देंगे। दोनों क्षेत्रों में कुमारस्वामी 20 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीते हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक रामनगर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में कुमारस्वामी की पत्नी अनिता कुमारस्वामी के पार्टी प्रत्याशी बनने की संभावना है। चुनाव से पूर्व भी अनिता के चुनाव लडऩे की बातें की जा रही थीं, पर ऐसा हुआ नहीं।

 

तो हम भी चुप नहीं रहेंगे
बेंगलूरु. जनता दल (ध) के प्रदेश अध्यक्ष एच.डी. कुमारस्वामी ने चेताया कि साधारण बहुमत के लिए संख्या बल नहीं होने पर भी यदि भाजपा ने सत्ता पाने के लिए ऑपरेशन कमल का सहारा लिया तो यही काम हमें भी करने पर विवश होना पड़ सकता है। कुमारस्वामी ने कहा कि यदि भाजपा ने विधायकों को तोडऩे की कोशिश की तो हमें दोगुने भाजपा विधायक तोड़ लाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के भी 10-15 विधायक बाहर आने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि संख्या बल नहीं होने पर भी येड्डियूरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की घोषणा की है। लेकिन हमें सत्ता का लालच नहीं है। कांग्रेस के बिना शर्त समर्थन देने की पेशकश करने के बाद ही हम सरकार का गठन करने के लिए आगे बढ़े हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें दोनों पार्टियों से गठजोड़ के लिए आमंत्रित किया गया है लेकिन पूर्व में भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने के कारण उनके पिता एचडी देवेगौड़ा को कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी थी। उनके राजनीतिक जीवन को ठेस नहीं पहुंचाने के मकसद से ही उन्होंने कांग्रेस समर्थित सरकार बनाने की पहल की है।

 

रोका भाजपा का अश्वमेध यज्ञ
बेंगलूरु. जनता दल (ध) के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को कहा कि उनकी यह बात कि भाजपा के अश्वमेध यज्ञ को कर्नाटक में विराम लग जाएगा, सच साबित हुई है। उन्होंने कहा, मैंने कुछ समय पूर्व कहा था कि पूरे देश में जीतते आ रही भाजपा का विजय रथ कर्नाटक में रुक जाएगा और मेरी कही वह बात सच साबित हुई है। कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कह रहे हैं कि भाजपा किसी भी हाल में कर्नाटक में सरकार बनाएगी। मोदी का यह बयान इस ओर इशारा करता है कि वे राज्य में विधायकों की खरीद-फरोख्त का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, एक प्रधानमंत्री का ऐसा कहना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और उन्होंने तमाम सीमाएं लांघ ली हैं। उन्होंने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि वह राज्य में सत्ता पाने के लिए शक्ति का दुरुपयोग कर रही है। राज नेताओं को धमकी दी जा रही है ताकि वे राज्य में सत्तारुढ़
हो सकें।

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