धान खरीदी केंद्रों का अभाव, किसान परेशान

मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने धान की समर्थन मूल्य के तहत खरीद में आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय दिशा-निर्देशोंं के अनुसार चावल की मिलों के लिए धरोहर राशि जमा करवाने की शर्त रखी गई है, जिसकी वजह से चावल मिलें खरीद के लिए आगे नहीं आ रही हैं। लिहाजा अधिकारियों को इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करने के तत्काल कदम उठाने होंगे।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 10 Jan 2019, 08:02 PM IST

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने धान की समर्थन मूल्य के तहत खरीद में आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय दिशा-निर्देशोंं के अनुसार चावल की मिलों के लिए धरोहर राशि जमा करवाने की शर्त रखी गई है, जिसकी वजह से चावल मिलें खरीद के लिए आगे नहीं आ रही हैं। लिहाजा अधिकारियों को इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करने के तत्काल कदम उठाने होंगे। मुख्यमंत्री ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान की खरीद के बारे में बुधवार को आवासीय कार्यालय कृष्णा में अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों तथा चावल मिल मालिकों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि धान की खरीद के संबंध में केन्द्र सरकार ने दिशा निर्देशों में बदलाव किया है।

धान की फसल चावल मिलों को बेचनी है, यहां से चावल तैयार कर भारतीय खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति करनी होगी। इसके अनुसार किसानों का चावल का भंडारण करने वाली मिलों को इसके एवज में धरोहर राशि जमा करवाने को कहा गया है। जिसके कारण अधिकतर मिल मालिक धान की खरीद के लिए पंजीयन नहीं करवा पा रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों को नकद धनराशि जमा करने के बजाय संपत्तियों को गिरवी रखने या अगली तारीख का चेक लेने सहित अन्य कोई वैकल्पिक उपाय
निकालना होगा।

इसी तरह मुख्यमंत्री ने मिल मालिकों की समस्याओं को हल करने के संबंध में भी प्रस्ताव पेश करने के निर्देश दिए।

Santosh kumar Pandey Desk
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