अंतिम सांसें गिन रही है मौजूदा गठबंधन सरकार: येड्डियूरप्पा

अंतिम सांसें गिन रही है मौजूदा गठबंधन सरकार: येड्डियूरप्पा

Shankar Sharma | Publish: Sep, 03 2018 10:54:22 PM (IST) | Updated: Sep, 03 2018 10:54:23 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधानसभा में विपक्ष के नेता बी.एस. येड्डियूरप्पा ने राज्य में सत्तारूढ़ जनता दल-एस और कांग्रेस गठबंधन को लेकर बयानों का दौर जारी रखते हुए बुधवार को भी निशाना साधा।

बेंगलूरु. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधानसभा में विपक्ष के नेता बी.एस. येड्डियूरप्पा ने राज्य में सत्तारूढ़ जनता दल-एस और कांग्रेस गठबंधन को लेकर बयानों का दौर जारी रखते हुए बुधवार को भी निशाना साधा। उन्होंने रविवार को बागलकोट जिले के मुधोल में पूर्व मंत्री मुरुगेश निराणी के निजी कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान कहा कि गठबंधन सरकार को सत्ता में आए 100 दिन बीत गए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने उत्तर कर्नाटक क्षेत्र की सुध नहीं ली। किसानों का ऋण माफ करने के बारे में भी कोई स्पष्टता नहीं है। प्रचार के लिए नित नए बयान देने का वाले मुख्यमंत्री किसी कार्य की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।


सिद्धरामय्या के बयान पर उन्होंने कहा कि येड्डियूरप्पा दिन में सपने देख रहे हैं या सिद्धरामय्या देख रहे हैं, इसका पता जल्द ही चल जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के देवस्थानों में जाने पर तो उनको कोई आपत्ति नहीं है पर उनको संकट के घिरे किसानों व पीडि़त जनमानस की पीड़ा की सुननी चाहिए। यह सरकार प्रदेश के प्रमुख नेताओं से फोन टेप करवा रही है और इस बारे में गंभीर चर्चा चल रही है।

उन्होंने अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा के अधिक सीटों पर चुनाव जीतने का विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि शहरी निकाय चुनाव में भी भाजपा राज्य में 50 फीसदी से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगी। मौजूदा प्रदेश सरकार केवल अधिकारियों के तबादलों में जुटी है और इसे छोडक़र किसी तरह के लोक हितैषी कार्य नहीं हो रहे हैं। कुछ ही दिनों में गठबंधन सरकार पतन होगा। यह बात कांग्रेस व जनता दल-एस के नेता ही कह रहे हैं। इस सरकार के पतन के बाद मैं ही मुख्यमंत्री बनंूगा।


हर व्यक्ति की सफलता में परिजनों का योगदान अहम : तारा अनुराधा
बेंगलूरु. हर व्यक्ति चाहे वह किसी भी क्षेत्र में क्यों न हो उसकी सफलता में उसके परिजनों का योगदान अहम होता है। लिहाजा हमें पारिवारिक रिश्तों की अहमियत तथा संवेदनशीलता को समझना होगा। विधान परिषद की पूर्व सदस्य तारा अनुराधा ने यह बात कही।


रविवार को शहर के गांधी भवन के सभागार में लेखिका पल्लवी इडूर की इरेना स्लेंडर की जीवनी पर आधारित कन्नड़ भाषा में अनुदित पुस्तक ‘जोलांटा’ के विमोचन समारोह में उन्होंने कहा कि इरेना स्लेंडर जैसी महिलाओं की यशोगाथा से हम आज भी अनभिज्ञ हैं। ऐसी अनुकरणीय महिलाओं का जीवन चरित्र समाज के सामने लाने का महान कार्य साहित्यकार कर रहे हैं इसलिए साहित्यकार साधुवाद के पात्र हैं। इरेना स्लेंडर ने अपनी जान जोखिम में डाल कर दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हिटलर की सेना की नजरों से बचकर नाजी कैंप से 2500 से अधिक यहूदी बच्चों की जान बचाई थी। ऐसी मिसालें विश्व को मानवता का संदेश देती है। 

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