हंसी सबसे सस्ती औषधि: ज्ञानमुनि

विजयनगर में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 14 Sep 2020, 10:39 PM IST

बेंगलूरु. विजयनगर में प्रवचन में ज्ञानमुनि ने कहा कि जीवन हंसने मुस्कुराने का एक अवसर है। हंसने की क्षमता अस्तित्व की एक बहुत बड़ी देन है जो धरातल पर सिर्फ मनुष्य को बख्शी है। पेड़, पौधे, पशु व पक्षी को हंसने की क्षमता प्राप्त नहीं है। इसलिए हंसना जीवन के विकास की बड़ी उन्नत अवस्था है।

अपने जीवन को प्रफल्लित करने के लिए यदि आप मुफ्त में मिले इस उपहार को स्वीकार नहीं कर सकते तो समझना की आप सौभाग्यशाली नहीं हैं। जीवन का एक साधारण नियम है कि हर चीज मन को थका देती है। प्रेम हो या घृणा सब मन के ही खेल हैं। हंसने के पीछे बड़ा गहरा राज है।
मनोविज्ञान कहता है कि केवल वही हंस सकता है जो ऊबता है, आलसी होता है कभी-कभी परेशान होता है।

क्योंकि जितनी समझ विकसित होती है उतनी ऊब और परेशानी ज्यादा होती है। मनुष्य ऊबता है, परेशान होता है इसलिए हंसी उसकी औषधि है। हंसने से ही उसका प्रतिरोध किया जा सकता है। भारत जैसे देश में दो ही चीजों की समृद्धि है। गरीबी और आबादी। अत: यहां हंसना एक ऐसी दवा है जो सबसे सस्ती है।

Santosh kumar Pandey Desk
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