बुनकरों को ऋण मुक्त करने का वादा पूरा करें

नेता प्रतिपक्ष सिद्धरामय्या की मांग

By: Sanjay Kulkarni

Updated: 25 Jun 2020, 09:09 PM IST

बेंगलूरु. राज्य में लाखों बुनकर परिवार बेरोजगार हो गए हैं। बेंगलूरु ग्रामीण, बेलगावी तथा धारवाड़ जिलों में 6 बुनकरों ने आत्महत्या कर ली है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार बुनकरों के लिए तुरंत विशेष पैकेज जारी करे। मुख्यमंत्री बी.एस.यडियूरप्पा बुनकरों को ऋणमुक्त करने का अपना वादा पूरा करें। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धरामय्या ने यह मांग की।

उन्होंने यहां गुरुवार को ट्वीट किया कि सबसे पहले राज्य सरकार को बुनकर परिवार के लिए दस हजार रुपए की सहायता राशि परिवार के मुुखिया के बैंक खाते में जमा करनी चाहिए। साथ में ऐसे परिवारों के लिए खाद्यान्न के पैकेट दिए जाएं। किसानों की तर्ज पर बुनकरों की भी मदद करना राज्य सरकार का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि राज्य में पॉवरलूम तथा हैंडलूम की संख्या 2 लाख से अधिक है। जिन पर 8 लाख बुनकर निर्भर हैं। बुनकरों के बीच किसी भी तरह का वर्गीकरण नहीं करते हुए सभी की मदद की जानी चाहिए। गत 7-8 माह से बुनकरों के पास लगभग 1 हजार करोड़ रुपए मूल्य का कपड़े का स्टॉक है इस कपडे के विपणन की व्यवस्था की जानी चाहिए।उन्होंने कहा है कि बुनकरों की ऋण माफी योजना को शतप्रतिशत लागू करने में प्रशासन विफल रहा है।

अभी तक राज्य के विभिन्न जिलों के 10 हजार 500 बुनकरों का 44 करोड़ रुपए का ऋण माफ किया गया है। अभी भी हजारों बुनकर राज्य सरकार की ऋणमाफी योजना से वंचित हंै। राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि ऋणमाफी योजना का लाभ सभी बुनकरों तक पहुंचाने में अभी कितना समय लगेगा?

Sanjay Kulkarni Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned