हार-जीत से ज्यादा लोस चुनाव में असर की चिंता

हार-जीत से ज्यादा लोस चुनाव में असर की चिंता

Kumar Jeevendra | Publish: Sep, 04 2018 08:07:10 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

कांग्रेस और जद-एस गठबंधन के नेता जहां इससे खुश हैं वहीं हार स्वीकारने के बावजूद भाजपा नेता लोकसभा की २२ से २३ सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं

बेंगलूरु. शहरी निकाय चुनाव में हार-जीत से ज्यादा सभी दलों के नेताओं को लोकसभा चुनाव में इसके असर की चिंता सता रही है। कांग्रेस और जद-एस गठबंधन के नेता जहां इससे खुश हैं वहीं हार स्वीकारने के बावजूद भाजपा नेता लोकसभा की २२ से २३ सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने है कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में जनता दल-एस और कांग्रेस का गठबंधन विपक्ष का सूपड़ा साफ कर देगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी.एस. येड्डियूरप्पा ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा को और अधिक सीटों पर जीत हासिल करने की अपेक्षा थी। हालांकि इन चुनाव परिणामों का आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी की संभावनाओं पर कोई असर नहीं होगा।

जनता कांग्रेस के साथ है: दिनेश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव ने कहा है कि शहरी निकाय चुनाव में कांग्रेस की सबसे अधिक 982 सीटों पर जीत ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के साथ है।
शहरी निकाय चुनाव परिणामों के संदर्भ में सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है और पार्टी पर विश्वास व्यक्त करने के लिए वे राज्य की जनता को धन्यवाद देते हैं।
राज्य में कांग्रेस को कमजोर बताने वालों के लिए यह जीत एक सटीक जवाब है। भाजपा नेताओं ने हमारी पार्टी के खिलाफ दुष्प्रचार किया, लेकिन लोगों ने हमारे पक्ष में वोट दिए। उन्होंने कहा कि जिन निकायों में त्रिशंकु जनादेश मिला है, उनमें हम जनता दल-एस के साथ गठजोड़ करेंगे और इस संबंध में समन्वय समिति की बैठक में पहले ही निर्णय किया जा चुका है।
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या व जद-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एच.डी. देवेगौड़ा पहले ही गठजोड़ करने के बारे में बयान दे चुके हैं। हम जहां पर जरूरत होगी वहां पर गठजोड़ करके सांप्रदायिक भाजपा को सत्ता से दूर रखेंगे। इसी तरह आगामी लोकसभा चुनाव में भी हम जद-एस के साथ गठबंधन करके अधिक सीटों पर जीत हासिल करेंगे। स्थानीय निकाय चुनाव में हमारी पार्टी के सभी नेताओं ने एकजुट होकर प्रचार किया। राज्य में गठबंधन की सरकार के दोनों ही दलों ने गठबंधन धर्म निभाया और मित्रवत स्पर्धा करके गठबंधन सरकार को किसी तरह की आंच नहीं आने दी।
पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष ईश्वर खंड्रे ने कहा कि शहरी निकाय चुनावों के परिणाम ने कांग्रेस पार्टी में और अधिक शक्ति का संचार किया है। कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार हुआ है। जब हमने चुनाव से पहले प्रदेश भर का दौरा किया तो राज्य की जनता ने हमारी पार्टी की तरफ अधिक रुझान दिखाया। भाजपा के नेता भ्रम में जी रहे थे और चुनाव परिणामों ने उनके भ्रम को दूर कर दिया ेहै। अगले लोकसभा चुनाव में भी हमें अधिक सीटों पर जीत हासिल करने का पूरा यकीन है।

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