विधान परिषद चुनाव: 6 में से 3 सीटों पर गठबंधन का कब्जा

विधान परिषद चुनाव: 6 में से 3 सीटों पर गठबंधन का कब्जा

Shankar Sharma | Publish: Jun, 14 2018 09:37:24 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

विधान परिषद की छह स्नातक और शिक्षक क्षेत्रों के लिए पिछले सप्ताह हुए चुनाव में सत्तारुढ़ जद-एस और कांग्रेस गठबंधन ने तीन सीटें जीत ली जबकि भाजपा को बाकी तीन सीटें मिली।

बेंगलूरु. विधान परिषद की छह स्नातक और शिक्षक क्षेत्रों के लिए पिछले सप्ताह हुए चुनाव में सत्तारुढ़ जद-एस और कांग्रेस गठबंधन ने तीन सीटें जीत ली जबकि भाजपा को बाकी तीन सीटें मिली। कांग्रेस को एक सीट का फायदा हुआ जबकि जद-एस और भाजपा को एक-एक सीट का नुकसान हुआ। इन ६ सीटों में से ४ भाजपा और दो जद-एस की थी। भाजपा अपनी दो सीटों ही बचा सकी जबकि जद-एस से एक सीट छीनी। कांग्रेस ने भाजपा से एक सीट छीनी जबकि जद-एस अपनी दो में से सिर्फ एक सीट ही बचा सका।

परिषद की ३ स्नातक और ३ शिक्षक सीटों के लिए ८ जून को चुनाव हुआ था। मंगलवार को मतगणना शुरु हुई लेकिन मतपत्र से मतदान कराए जाने के कारण गिनती में अधिक वक्त लगा और बुधवार तडक़े तक परिणाम घोषित हुए। भाजपा को ३, जद-एस २ और कांगे्रस को एक सीट मिली। भाजपा के डॉ ए नारायणस्वामी ने दक्षिण-पूर्व शिक्षक, आयनूर मंजुनाथ ने दक्षिण-पश्चिम स्नातक और डी देवेगौड़ा ने बेंगलूरु स्नातक सीट जीती। जद-एस के एस एल भोजेगौड़ा ने दक्षिण- पश्चिम शिक्षक और मरितिब्बे गौड़ा ने दक्षिण शिक्षक सीट जीती। कांग्रेस के डॉचंद्रशेखर पाटिल ने उत्तर-पूर्व स्नातक सीट जीती। जद-एस दक्षिण-पश्चिम शिक्ष सीट पर हारी जबकि दक्षिण-पश्चिम शिक्षक और उत्तर-पूर्व स्नातक सीट पर भाजपा हारी।


दक्षिण-पूर्व शिक्षक सीट से भाजपा के वाई.ए. नारायणस्वामी ने जनता दल-एस के रमेश बाबू को १८७२ से अधिक मतों के अंतर के हराकर जीत अपने नाम की। नारायणस्वामी को 8,479 मत मिले जबकि रमेश बाबू को 6,607 मत मिले। कांग्रेस के एम. रामप्पा को 16 52 मत मिले।


दूसरी तरफ जनता दल-एस के वर्चस्व वाली दक्षिण शिक्षक सीट पर जद-एस के उम्मीदवार मरितिब्बेगौड़ा ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के एम. लक्ष्मण को 489 मतों के अंतर से हराया। गौड़ा को 11,022, लक्षमण को 6,607 और भाजपा के एम. निरंजन मूर्ति को 3,979 वोट मिले।


दूसरी तरफ भाजपा के गढ़ माने जाने वाले दक्षिण-पश्चिम शिक्षक सीट पर भाजपा के गणेश कार्णिक को हराकर जद-एस के भेजेगौड़ा ने सभी को आश्चर्य में डाल दिया। भोजे गौड़ा को कुल 8,647 वोट मिले और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिस्पर्धी भाजपा के कार्णिक को 2,835 मतों के अंतर के हरा दिया। कार्णिक को 5,812 वोट मिले।


दक्षिण-पश्चिम स्नातक सीट से भाजपा के आयनूर मंजुनाथ ने कांग्रेस के एस.बी. दिनेश को 9,093 वोटों के अंतर से हराकर जीत अपने नाम की। आयनूर मंजुनाथ को 25,250 वोट मिले और दिनेश को 16,157 वोट मिले। इस सीट का प्रतिनिधित्व पहले परिषद के सभापति डॉ डी एच शंकरमूर्ति करते थे।


दूसरी तरफ भाजपा के गढ़ माने जाने वाली उत्तर- पूर्व स्नातक सीट पर कांग्रेस के चन्द्रशेखर पाटिल ने भाजपा के के.बी. श्रीनिवास को 321 मतों के अंतर से हराया। कांग्रेस ३० साल बाद यहां जीती। पाटिल को 18,768 वोट मिले जबकि श्रीनिवास को 18,447 वोट मिले। बेंगलूरु स्नातक सीट से भाजपा के ए. देवेगौड़ा ने कांग्रेस के रामोजी गौड़ा को 4,864 मतों के अंतर से हराया। देवेगौड़ा को 17,702 और कांग्रेस के रामोजी गौड़ा को 12,8 38 वोट मिले। इससे पहले इस सीट का प्रतिनिधित्व भाजपा के रामचन्द्र गौड़ा किया करते थे।

किसे मिली कौन सी सीट
भाजपा
बेंगलूरु स्नातक
दक्षिण-पूर्व शिक्षक
दक्षिण-पश्चिम स्नातक
जद-एस
दक्षिण शिक्षक
दक्षिण-पश्चिम शिक्षक
कांग्रेस
उत्तर-पूर्व स्नातक

संख्या बल के साथ बदलेंगे समीकरण
विधान परिषद में संख्या बल बदलने के साथ ही सत्ता के समीकरण बदलने के आसार हैं। विधान सभा कोटे और शिक्षक व स्नातक क्षेत्रों की १७ सीटों के लिए हुए चुनाव के कारण सदन की दलीय स्थिति बदल गई है। ७५ सदस्यीय सदन में कांग्रेस के 34, भाजपा के 20 तथा जद-एस के 14 सदस्य हैं। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और जद-एस ने गठबंधन कर सरकार बनाई है और अब दोनों ही दल इसका विस्तार विधान परिषद में भी करने की तैयारी कर रहे हैं। अभी तक परिषद में भाजपा और जद-एस के बीच सत्ता को लेकर साझीदारी थी। इस समझौते के कारण सभापति का पद भाजपा के पास था जबकि उपसभापति का पद जद-एस के पास। भाजपा के डॉ डी एच शंकर मूर्ति सभापति और जद-एस के मरितिब्बे गौड़ा उपाधयक्ष हुआ करते थे।

दोनों कार्यकाल २१ जून को पूरा हो रहा है। गौड़ा फिर से चुने गए हैं लेकिन मूर्ति इस बाद नहीं चुने गए हैं। पार्टी ने उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया था। अगर कांग्रेस और जद-एस का गठबंधन परिषद में भी जारी रहता है तो इस बार सभापति व उपसभापति का पद गठबंधन के पास ही रहेगा।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जद-एस इस बार सभापति का पद अपने पास रखेगा और उपसभापति का कांग्रेस के खाते में जाएगा। दोनों दलों में सरकार बनाने को लेकर हुए समझौते के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष का पद कांग्रेस को मिला था जबकि उपाध्यक्ष का पद जद-एस के कोटे में गया है। माना जा रहा है कि जद-एस इस बार अपने वरिष्ठ नेता और सातवीं बार परिषद के लिए चुने गए बसवराज होरट्टी को सभापति बनवाना चाहता है। होरट्टी को इसी कारण मंत्री नहीं बनाया गया था।

विप में एक साथ दो भाई
विधान सभा में पिता और पुत्री के एक साथ पहुंचने के कारण इतिहास बना तो विधान परिषद में दो भाइयों के चुने जाने के कारण नया कीर्तिमान बना है। पिछले पखवाड़े विधानसभा से परिषद के लिए हुए चुनाव में जद-एस के प्रत्याशी के तौर पर एस एल धर्मे गौड़ा निर्विरोध चुने गए थे तो पिछले सप्ताह हुए चुनाव में उनके छोटे भाई एस.एल.भोजेगौडा ने दक्षिण पश्चिम शिक्षक क्षेत्र से जीत हासिल की। चिकमगलूरु जिले से आने वाले गौड़ा बंधुओं के पिता एस आर लक्षमय्या भी विधायक रह चुके हैं।

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