हत्या के 8 साल पुराने मामले में चार दोषियों को उम्र कैद

उडुपी जिले के द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश चंद्रशेखर एन. जोशी ने आठ साल पहले जिला जेल में हुई एक समाजकंटक विनोद शेट्टीगार की हत्या के मामले में चार दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है।

By: शंकर शर्मा

Published: 29 Mar 2019, 01:24 AM IST

बेंगलूरु. उडुपी जिले के द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश चंद्रशेखर एन. जोशी ने आठ साल पहले जिला जेल में हुई एक समाजकंटक विनोद शेट्टीगार की हत्या के मामले में चार दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। आरोपपत्र के अनुसार उम्र कैद की सजा पाने वालों की पहचान ब्रह्मावर के सुरेश बलिगार (३६), इसके भाई नागराज बलिगार (३०), मैसूरु के शेख रियाज अहमद (३३) और कोप्पल जिले गंगावती के शरणप्पा अमरपुर (३३) के तौर पर की गई है।

मामले के अन्य आरोपी उडुपी जिले के कुक्कीकट्टे गांव निवासी राघवेन्द्र को इस मामले में निर्दोष करार दिया गया। मृतक विनोद शेट्टीगार ने विरोधी दल के समाजकंटक पिट्टी नागेश पर जानलेवा हममला किया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसे अंजारू गांंव स्थित जिला जेल में रखा गया। जेल में मत्तप्पा, नागराज, रियाज और शरणप्पा थे। यह चारों आरोपी जेल के कैदियों पर अपना रौब जमाते थे।

विनोद शेट्टीगार ने चारों के दबदबे को कम किया। इस बीच आरोपियों ने जलालउद्दीन हमला किया था, उस समय विनोद ने उसकी सहायता की। इससे नाराज आरोपियों ने विनोद को मारने की योजना बनाई। १४ जनवरी २०११ की रात चारों आरोपियों नेे विनोद शेट्टीगार की हत्या कर दी। पुलिस ने ३५ कैदियों के बयान एवं साक्ष्य संग्रहित कर न्यायालय में पेश किए थे। ब्रह्मावर पुलिस थाने ने आरोप पत्र दाखिल किया। सरकारी वकील शांति बाई ने पैरवी की।

मूर्ति निलंबन मामले में हाइकोर्ट का स्पीकर को नोटिस
बेंगलूरु. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने विधानसभा के पूर्व सचिव एस मूर्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक विधानसभा सचिवालय के विशेष बोर्ड (केएलए), स्पीकर के अध्यक्ष और प्रभारी सचिव (केएलए) को नोटिस जारी किया है। मूर्ति ने केएलए द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई जांच कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की है।

केएलए के निलंबित सचिव मूर्ति को जब २ फरवरी को जांच प्रक्रिया में उनका बयान दर्जकराने का नोटिस जारी हुआ तब उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। वहीं, महाधिवक्ता ने न्यायालय से आग्रह किया कि आवश्यक दस्तावेजों को प्रस्तुत करने के लिए उचित निर्देश दिए जाएंगे।

शंकर शर्मा
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