World Suicide Prevention Day : जीवन जीने और बहादुरी से संघर्ष का संदेश

विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि 8 लाख लोग हर साल आत्महत्या से मर जाते हैं। यानि हर 40 सेकेंड में एक व्यक्ति आत्महत्या से मरता है। इससे 25 गुना ज्यादा लोग आत्महत्या का प्रयास भी करते हैं। आत्महत्या के कारणों और इसके लक्षणों की पहचान कर सकें तो हर व्यक्ति अपने आसपास के लोगों की मदद कर उन्हें ऐसा करने से रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है।

By: Nikhil Kumar

Published: 10 Sep 2019, 08:15 PM IST


- विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस

मणिपाल. विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (World Suicide Prevention Day) पर मणिपाल विश्वविद्यालय के मनोरोग व मानसिक स्वास्थ्य नर्सिंग विभाग ने मंगलवार को विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर आम जनता और विशेषकर विद्यार्थियों से ऐसा कदम नहीं उठाने की अपील की। मणिपाल कॉलेज ऑफ नर्सिंग (एमसीओएन) के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जीवन जीने और बहादुरी से संघर्ष करते रहने का संदेश दिया।

मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक, व्यक्तिगत एवं परिस्थकीय कारण

डॉ. पूर्णिमा बी. ने कहा कि दुनिया भर में आत्महत्या के मामलों में चिंताजनक रूप से तेजी आई है। सिक्किम में खुदकुशी दर वैश्विक स्तर से तीन गुना ज्यादा है। आत्महत्या के मामले में कर्नाटक की स्थिति भी चिंताजनक है। आत्महत्या के कारणों और इसके लक्षणों की पहचान कर सकें तो हर व्यक्ति अपने आसपास के लोगों की मदद कर उन्हें ऐसा करने से रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है। आत्महत्या के पीछे मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक, व्यक्तिगत एवं परिस्थकीय कारण होते हैं।

काउंसिलिंग और उपचार जरूरी

अगर किसी को खुदकुशी के विचार आ रहे हैं तो किसी करीबी से बात साझा करनी चाहिए। हेल्पलाइन या पेशेवर परामर्शदाता या मनोचिकित्सक से बात करनी चाहिए। परिवार और दोस्त आसपास रहें। मानसिक रूप से परेशान लोगों की काउंसिलिंग और उपचार जरूरी है।

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Nikhil Kumar Reporting
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