कोरोना संक्रमण से ग्रसित 9 जिलों में 31 तक तालाबंदी: बोम्मई

उन्होंने कहा कि बैठक में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के मद्देनजर बेंगलूरु शहरी, बेंगलूरु ग्रामीण,चिक्कबलापुर,कलबुर्गी,बेलगावी,धारवाड़, दक्षिण कन्नड़ कोडग़ू तथा मैसूरु जिलों में 31 मार्च तक लाक डाउन करने का निर्णय किया गया है। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोडक़र सार्वजनिक परिवहन सेवाएं,आटो रिक्शा,कैब,उद्योग- धंधे, मेट्रो रेल, स्कूल-कालेज,विश्वविद्यालय, व्यापारिक प्रतिष्ठान सहित तमाम सेवाएं बंद रहेगी। लाकडाऊन के दौरान फल ,सब्जी दूध, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, पुलिस सेवाएं, अस्पताल, दवाईयों की दुकान

By: Surendra Rajpurohit

Published: 22 Mar 2020, 09:08 PM IST

बेंगलूरु

राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण पर नियंत्रण लगाने के मकसद से राज्य सरकार ने राजधानी बेंगलूरु सहित प्रदेश के नौ जिलों में 31 अगस्त तक लाक डाउन लागू करने का निर्णय किया है।

रविवार को यहां मुख्यमंत्री बी.एस.येडियूरप्पा की अगुवाई में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के बाद गृहमंत्री बसवराज बोम्मई ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के मद्देनजर बेंगलूरु शहरी, बेंगलूरु ग्रामीण,चिक्कबलापुर,कलबुर्गी,बेलगावी,धारवाड़, दक्षिण कन्नड़ कोडग़ू तथा मैसूरु जिलों में 31 मार्च तक लाक डाउन करने का निर्णय किया गया है।

इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोडक़र सार्वजनिक परिवहन सेवाएं,आटो रिक्शा,कैब,उद्योग- धंधे, मेट्रो रेल, स्कूल-कालेज,विश्वविद्यालय, व्यापारिक प्रतिष्ठान सहित तमाम सेवाएं बंद रहेगी। लाकडाऊन के दौरान फल ,सब्जी दूध, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, पुलिस सेवाएं, अस्पताल, दवाईयों की दुकानें ही खुली रहेंगी। इतना ही नहीं केएसआरटीसी की तमाम वातानुकूलित बस सेवाओं को 31 मार्च तक रद्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि बेंगलूरु शहर में रात 9 बजे से लेकर 12 बजे तक निषेधाज्ञा लागू करने का निर्णय भी किया गया है।

इसी तरह 31 मार्च तक के लिए 9 जिलों में अंतर जिला संपर्क भी बंद कर दिया गया है। विधानमंडल के चालू सत्र के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अधिवेशन पूर्ववत निर्धारित तारीख तक चलता रहेगा और सरकारी कार्यालयों में कोई अवकाश नहीं रहेगा। राज्य में तमाम सरकारी,निजी तथा अनुदानित स्कूल कालेजों के शिक्षकों के लिए 31 मार्च तक अवकाश रहेगा और वे घर से बैठकर काम कर सकते हैं। सोमवार को होने जा रही की पीयूसी अंतिम परीक्षा के आयोजन को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि चूंकि अब पीयूसी का केवल एक ही पर्चा बाकी है लिहाजा सोमवार को होने वाली पीयूसी की परीक्षाएं पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी।

 

मंत्री इस सवाल का संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बंद करने से विद्यार्थी अपने परीक्षा केन्द्रों पर किस तरह पहुंच पाएंगे। उन्होंने कहा कि केवल एक ही दिन की बात है, लिहाज हालात के मद्देनजर अभिभावकों को अपने बच्चों को परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी होगी। बोम्मई ने कहा कि चूंकि राजधानी बेंगलूरु में 84 फीसदी लोग वर्क फ्रोम होम कर रहे हैं लिहाजा परिवहन सेवाओं को रोक देने के कारण लोगो को अधिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के कारखाना मालिकों को प्रतिदिन अपने 50 फीसदी श्रमिकों का ही इस्तेमाल करने को कहा गया है।

 

इससे पहले बैठक में मुख्यमंत्री येडियूरप्पा के अलावा उपमुख्यमंत्री डा. सी.एन. अश्वथनारायण, मेडिकल शिक्षा मंत्री डा. सुधाकर, राज्य के डीजीपी, प्रवीण सूद के अलावा मुख्य सचिव टी.एम. विजय भास्कर ने भाग लिया।

Surendra Rajpurohit Reporting
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