राज्य में लॉकडाउन का हो सकता है विस्तार

महाराष्ट्र, दिल्ली की तर्ज पर लंबी अवधि का लॉकडाउन संभव

By: Sanjay Kulkarni

Published: 15 May 2021, 05:07 AM IST

बेंगलूरु. राजस्व मंत्री एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आर.अशोक ने संकेत दिया है कि कोरोना महामारी की अनियंत्रित दूसरी लहर से निपटने के लिए राज्य में 24 मई तक लागू लॉकडाउन का विस्तार हो सकता है। यहां शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए अशोक ने कहा कि बीएस येडियूरप्पा के नेतृत्व वाली सरकार लॉकडाउन के आखिरी कुछ दिन में इस पर अंतिम फैसला करेगी।
उन्होंने कहा 'बेंगलूरु के एक आम नागरिक के तौर पर उनकी निजी राय है कि लॉकडाउन में कुछ और दिनों का विस्तार किया जाए तो अच्छा रहेगा। शहर में मामलों की संख्या प्रति दिन 22 हजार से गिरकर 15 हजार तक आई है। लगभग 7 हजार मामले कम हुए हैं। ऐसा अर्ध-लॉकडाउन (सेमी-लॉकडाउन) और पूर्ण लॉकडाउन के कारण ही हुआ है। राज्य में कोरोना की दूसरी लहर महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद आई। उन राज्यों में लंबी अवधि के लॉकडाउन हमारे लिए एक मॉडल की तरह है क्योंकि संक्रमण के मामले कम हुए हैं।Ó
हालात की समीक्षा के बाद निर्णय
अशोक ने कहा 'वर्तमान लॉकडाउन खत्म होने से तीन दिन पहले मुख्यमंत्री एक बैठक बुलाएंगे, जहां हम अपनी राय साझा करेंगे। राज्य में उस दिन के आंकड़ों को देखा जाएगा और समीक्षा होगी कि क्या लॉकडाउन के कारण मामलों में कमी आई है। उसके बाद मुख्यमंत्री अंतिम निर्णय करेंगे।Ó गौरतलब है कि राज्य में बढ़ते कोविड -19 मामलों के बीच सरकार ने शुरू में 27 अप्रेल से 14 दिनों के बंद की घोषणा की थी। लेकिन, संक्रमण के मामले में लगातार बढ़ोतरी के बीच 10 मई से 24 मई तक पूर्ण लॉकडाउन लागू किया गया।
नहीं थी 4 गुणा संक्रमण की उम्मीद
अशोक ने कहा, किसी ने भी संक्रमण में चार गुणा वृद्धि की उम्मीद नहीं की थी। विशेषज्ञों ने कहा कि पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर कम होगी। मीडिया रिपोर्ट भी ऐसी ही थीं और सरकार ने उसे माना भीा। लेकिन, यह एक सबक है। अब सरकार के सामने एक मुश्किल स्थिति है जिससे वह निपट रही है। सरकार लोगों के साथ खड़ी रहेगी।
मुख्यमंत्री करेंगे निर्णय: कारजोल
उधर, बागलकोट में पत्रकारों से बात करते हुए, उप मुख्यमंत्री गोविंद करजोल ने भी कहा कि लॉकडाउन जारी रखने पर मुख्यमंत्री अंतिम निर्णय करेंगे। इस संबंध में चिकित्सा विशेषज्ञों और डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद आइसीएमआर से भी मशविरा करेंगे। लॉकडाउन जारी रखने पर अभी कोई निर्णय नहीं किया गया है।
6-8 सप्ताह का लॉकडाउन जरूरी!
उधर, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) के प्रमुख डॉ.बलराम भार्गव ने कहा है कि उन सभी जिलों में जहां संक्रमण की दर 10 प्रतिशत (कुल जांच किए गए मामलों का) से अधिक है वहां छह से आठ सप्ताह तक लॉकडाउन प्रतिबंध लागू रहना चाहिए ताकि कोरोना प्रसार को नियंत्रित किया जा सके। राज्य के 31 में से 29 जिलों में संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक है। एक दिन पहले राज्य में औसत संक्रमण दर 27.64 प्रतिशत थी, वहीं मृत्यु दर (सीएफआर) 0.97 प्रतिशत थी।

Sanjay Kulkarni Reporting
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