क्षमा का दान देनेवाला महावीर : डॉ. कुमुदलता

श्रीरंगपट्टण में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 07 Sep 2020, 10:46 PM IST

बेंगलूरु. श्रीरंगपट्टण के दिवाकर मिश्री गुरु राज दरबार में साध्वी डॉ. कुमुदलता ने कहा कि क्षमा का दान महादान होता है। जो क्षमा का दान देता है वो वास्तव में महावीर कहलाता है।

साध्वी ने यह कहा कि हर संतान को अपने माता पिता कि आज्ञा का पालन करना चाहिए। हर संतान को विशेष रूप से याद रखने की जरूरत है कि, मां-बाप के बिना घर, वह बिना धडक़न के हृदय जैसा है। अहोभाव होना चाहिए कि हमारे जन्म से लेकर पालनपोषण में जो कष्ट हमारे मां-बाप ने उठाए हैं वे अवर्णनीय हैं, उनका मूल्य आंकना असंभव है।

साध्वी ने कहा कि हम कभी न सोचें के यह कोई कर्ज है जो उतारा जा रहा है, क्योंकि इसके लिए जो हम कभी भी इतने सशक्त बन ही नहीं सकते, और यह भी न सोचें कि हमारा फर्ज निभाया जा रहा है।

सोचना यह चाहिए कि हमें प्रकृति ने अवसर प्रदान किया है कि हमारे प्राणप्रिय मातापिता की सेवा सुश्रूषा करें, वृद्धावस्था में उनकी देखभाल करें और उनकी अमूल्य दुआ व आशीर्वाद प्राप्त करें। उनके हृदय से जो प्रेम की धारा बहेगी वो हमारे लिए अमृत तुल्य होगी। वे तृप्त होंगे तो हम हमारे जीवन में संतृप्त होंगे। साध्वी महाप्रज्ञा ने गीतिका द्वारा क्षमा के भाव रखे।

गुरु दिवाकर गुरु मिश्री दरबार में आदेश्वर वाटिका से मूर्तिपूजक संघ ने साध्वी के दर्शन वदन कर क्षमायाचना के भाव रखे। चेन्नई, बेंगलूरु से ज्ञानचंद मूथा, सुनील सुराणा, महेंद्र टोडरवाल आदि ने दर्शन किए। मैसूर गुरु भक्त वर्षावास समिति के विनोद दरला ने बताया कि श्रीरंगपट्टण के श्रावक-श्राविकाओं ने इस कार्यक्रम में धर्म के रंग भरे। इस अवसर पर समिति की ओर सेजल दरला का बहुमान किया गया।

Santosh kumar Pandey Desk
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