प्रेम को जीवन का सर्वोच्च ध्येय बनाएं: साध्वी महाप्रज्ञा

श्रीरंगपट्टण में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 20 Sep 2020, 09:53 PM IST

बेंगलूरु. श्रीरंगपटट्ण में दिवाकर मिश्री गुरू राज दरबार में साध्वी कुमुदलता के सान्निध्य में साध्वी महाप्रज्ञा ने कहा कि परमात्मा के प्रति अगर मनुष्य का मन ही कलुषित हो तो उनकी अमृतमयी वाणी किसी को कहां से सुधार पायेगी।

उन्होंने कहा कि छोटे दु:ख में भी इंसान संवेदनशील है और दूसरों के बडे दु:ख में भी संवेदनाहीन बन रहा है।
जन्म से ही जिसका चित्त पत्थर था ऐसे कठोर पत्थर में से प्रतिमा निर्मित करने का कार्य शिल्पी ने किया जबकि जन्म से ही जिसमें परमात्मा बनने की क्षमता थी ऐसा आज इंसान पत्थर समान बन गया है। प्रेम का रास्ता आत्मा को परमात्मा बनाने में सक्षम है। उस रास्ते को त्याग करके द्वेष का रास्ता अपनाने की गलती लोग कर रहे हैं।

प्रेम को जीवन का सर्वोच्च ध्येय बनाना चाहिए। 18 सितम्बर से 25 सितम्बर तक साध्वी कुमुदलता की साधना चलेगी। इस दौरान श्रध्दालुओं को उनके दर्शन नहीं होंगे। अन्य साध्वी भी आराधना में व्यस्त रहेंगे।

Santosh kumar Pandey Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned