अध्यात्म को हर परिस्थिति में जीवन का आधार बनाएं: आचार्य देवेंद्रसागर

राजाजीनगर में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 02 Jul 2020, 06:56 PM IST

बेंगलूरु. शंखेश्वर पाश्र्वनाथ जैन संघ, राजाजीनगर में आचार्य देवेंद्रसागर ने प्रवचन में कहा कि लॉकडाउन हो या बीमारी की भयावहता, उससे उपजे अविश्वास ने बहुतों को तोड़ कर रख दिया है। एक पूरी पीढ़ी इस अनुभव को ताउम्र याद रखेगी। घरों में कैद होकर इस बीमारी से लडऩा और आने-जाने वाले से एक दूरी रखने के इस अनुभव को अब भुलाया तो नहीं जा सकेगा। लेकिन इससे उपजे अकेलेपन का एहसास हो या अवसाद, दोनों ही स्थितियों को अध्यात्म से काबू किया जा सकता है।

अनुभव हमारी नई जिंदगी के रास्ते तय करेंगे

आचार्य ने कहा कि जब यह दौर खत्म होगा और जब हम सब नए सिरे पर खड़े होंगे, तो हमारे तमाम अच्छे-बुरे अनुभव हमारी नई जिंदगी के रास्ते तय करेंगे। इस दौर के साथ में और बाद में भी सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली चीज है हमारा विश्वास। हर उस चीज पर विश्वास जो हमारी जरूरत है, हर उस रिश्ते पर विश्वास, जो हमें लगता था कि सबसे अहम है।

हमें देखना ही होगा कि जब यह समय बीत जाएगा, तब हम कहां किस धरातल पर खड़े होंगे। ऐसे में हमें अध्यात्म की डोर पकडऩी होगी, जो हमें हमारे दिल से जोड़ती है, जीवन का आधार बनाती है और मजबूत भी करती है। जरूरत है कि हम पहले खुद पर ध्यान दें। हमारे मस्तिष्क में इतनी शक्ति होती है कि हर विपरीत परिस्थितियों से लड़ जाएं।

Santosh kumar Pandey Desk
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