पंचमशाली समुदाय को 2 ए प्रवर्ग में शामिल करने की मांग का विरोध

पहले ही इस प्रवर्ग में 410 जातियां शामिल- इस प्रवर्ग को 15 फीसदी आरक्षण

By: Sanjay Kulkarni

Updated: 17 Feb 2021, 05:24 AM IST

बेंगलूरु. एक तरफ पंचमशाली समुदाय के लोग इस समुदाय के मठ प्रमुखों के नेतृत्व में समुदाय को 2 ए प्रवर्ग में शामिल कराने की मांग को लेकर बागलकोट जिले के कुडलसंगम क्षेत्र से पदयात्रा करते हुए बेंगलूरु पहुंच रहे हैं। तो दूसरी ओर इस प्रवर्ग में शामिल अन्य जातियों के लोग पंचमशाली समुदाय को इस सूची में शामिल करने की मांग का पुरजोर विरोध कर रहे है।

इस सूची में शामिल अन्य जातियों के नेताओं का तर्क यह है कि पहले ही सूची में 410 जातियों के लोग शामिल हैं। इस प्रवर्ग के लिए सुनिश्चित 15 फीसदी आरक्षण के लिए कई हिस्सेदार होने के कारण सभी को आरक्षण का लाभ मिलना संभव नहीं है। सूची में पहले से ही शामिल सभी जातियां वित्तीय तथा सामाजिक रूप से पिछड़ी है जबकि पंचशाली समुदाय तुलना में एक प्रभावशाली तथा 80 लाख से अधिक आबादी वाला समुदाय होने के कारण इस समुदाय को इस सूची में शामिल करने पर यह समुदाय अन्य समुदायों का आरक्षण छीन लेगा।

लिहाजा किसी भी हालत में पंचमशाली समुदाय को इस सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए अगर राज्य सरकार दबाव में आकर इस समुदाय को 2 ए प्रवर्ग में शामिल करने का फैसला लेती है तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस प्रस्ताव के विरोध में कई जातियों के नेताओं ने राज्य पिछड़ा आयोग को ज्ञापन सौंपा है।

उल्लेखनीय है कि पंचमशाली समुदाय को 2 ए प्रवर्ग में शामिल करने की मांग को लेकर समुदाय के कुडलसंगम मठ प्रमुख स्वामी बसव जयमृत्युंजय के नेतृत्व में निकली पदयात्रा अब नेलमंगला पहुंच गई है।स्वामी बसव जयमृत्युंजय के अनुसार कर्नाटक राज्य पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष जयप्रकाश हेगडे ने समुदाय की इस मांग को लेकर उन्हें 21 फरवरी को आयोग के कार्यालय में उपस्थित रहने के लिए नोटिस मिला है लेकिन पदयात्रा के के कारण आयोग को पत्र लिखकर 21 फरवरी के बदले अन्य तारीख की मांग की गई है।

जयप्रकाश ने कहा है कि किसी समुदाय का सामाजिक तथा शैक्षणिक समीक्षा के लिए काफी समय लगता है।लिहाजा आनन-फानन आयोग ऐसी समीक्षा रिपोर्ट नहीं दे सकता है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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