धरती के निकट आएगा मंगल

Rajeev Mishra

Publish: Jan, 13 2018 06:31:49 (IST) | Updated: Jan, 13 2018 06:53:00 (IST)

Bengaluru, Karnataka, India
धरती के निकट आएगा मंगल

15 साल बाद घटेगी रोमांचक खगोलीय घटना, बृहस्पति से लगभग दो गुणा अधिक चमकदार होगा लाल ग्रह

बेंगलूरु. 15 साल के अंतराल के बाद इस साल लाल ग्रह मंगल एक बार फिर पृथ्वी के बेहद निकट से गुजरेगा। वर्ष 2003 के बाद घटने वाली यह घटना फिर से रोमांच पैदा करेगी। पृथ्वी और मंगल ग्रह की इस निकटता के दौरान मंगल की चमक बृहस्पति से लगभग दो गुणा अधिक होगी।
शहर में स्थित भारतीय तारा भौतिकी संस्थान के प्रोफेसर (सेनि) रमेश कपूर ने बताया कि अपनी कक्षाओं में अग्रसर पृथ्वी और मंगल 26 महीनों में एक बार निकट होकर गुजरते हैं। तब सूर्य , पृथ्वी और मंगल एक सीध में आ जाते हैं। यह समक्षता की स्थिति होती है। समक्षता की स्थिति में मंगल सबसे चमकीला भी होता है। यद्यपि यह हर 780 दिन में होता है लेकिन उस स्थिति में पृथ्वी और मंगल की आपसी दूरी हर फेरे में थोड़ी-बहुत बदलती है।
दरअसल, मंगल ग्रह की सूर्य से औसत दूरी 1.524 एयू (एयू यानी खगोलीय इकाई यानी लगभग 15 करोड़ किमी) और परिभ्रमण काल 6 8 7 दिन है। सूर्य से दूरी के हिसाब से पृथ्वी सौरमंडल का तीसरा ग्रह है और मंगल इसके बाहर पड़ता है।

काफी चमकीला होगा मंगल
प्रो. कपूर ने बताया कि एक अत्यंत निकटता की स्थिति 27 अगस्त 2003 में बनी थी। तब मंगल पृथ्वी से 0.3727 एयू (5 करोड़ 57 लाख 58 हजार 6 किमी) की दूरी से गुजरा। मानव इतिहास में पिछले 6 0 हजार साल में ऐसा पहली बार हुआ था। निकटतम होकर गुजरते समय मंगल की चमक बढ़कर -2.9 मैग्नीट्यूड तक पहुंच गई। इस चमक के कारण यह मशहूर हो गया कि मंगल पूर्ण चंद्र की चमक के बराबर जा पहुंचेगा। लेकिन, ऐसा कभी नहीं हो सकता क्योंकि चमक के बारे में इस तरह की बातें बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात थी। वास्तव में मंगल ग्रह की चमक शुक्र ग्रह की चमक से भी ज्यादा नहीं हो सकती, जो आकाश में सबसे तीसरा चमकीला पिंड है।
धरती सूर्य से दूर, मंगल निकट होगा
अब 15 साल बाद इस वर्ष जुलाई में भी लगभग वैसी ही स्थिति बनने जा रही है। वर्ष 2003 के मुकाबले मंगल थोड़ा ज्यादा दूर से होकर गुजरेगा। समक्षता की स्थिति 27 जुलाई को बनेगी और उसके चार दिन बाद 31 जुलाई को मंगल निकटतम स्थिति से होकर गुजरेगा। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि पृथ्वी 3 जुलाई को अपनी कक्षा के सूर्य से दूरतम बिंदु से होकर गुजरेगी और मंगल अपनी कक्षा में सूर्य के सापेक्ष निकटम बिंदु से होकर गुजरेगा। तब 2003 के मुकाबले इसकी दूरी 20 लाख किमी ही अधिक रहेगी। अर्थात इस बार मंगल पृथ्वी से 5 करोड़ 78 लाख किमी की दूरी से गुजरेगा। उस समय मंगल की चमक बृहस्पति से 1.8 गुणा अधिक हो जाएगी। यह चमक कमोबेश दो महीने के लिए 7 जुलाई से 7 सितम्बर तक बनी रहेगी।
अफवाहों से रहें सावधान
प्रो. कपूर ने बताया कि वर्ष 2003 में मंगल की ऐसी स्थिति को लेकर बहुत सी बातें बढ़ा-चढ़ाकर कहीं गई। इस बार भी ऐसा हो सकता है जैसे मंगल चमक में चंद्रमा के आसपास पहुंच जाएगा। मगर ऐसा वास्तव में कभी नहीं हो सकता।

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