चिकित्सा पेश में पैसे कमाने नहीं आएं: शशि थरूर

नई पीढ़ी के डॉक्टरों में कंप्यूटर और आइटी स्किल आवश्यक

बेंगलूरु.
लोकसभा सांसद शशि थरूर ने यहां सेंट जॉन मेडिकल कॉलेज के 56 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा को एक पेशा नहीं कहा जाना चाहिए। यदि किसी को पैसा चाहिए तो वह बैंकर भी बन सकता है। लेकिन, अगर स्वास्थ्य पेशेवर बनते हैं तो मानव जीवन को बचाने के आदर्शों को आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक स्वास्थ्य पेशेवर को जब भी कुछ करना चाहिए तो उसे उन मानवीय प्रयासों को नहीं भूलना चाहिए। पेश की शपथ लेते हैं तो उसे निभाना चाहिए। यह शपथ पाखंड नहीं बनना चाहिए। दीक्षांत समारोह में 59 एमबीबीएस, 71 पीजी के छात्र, 14 पीजी डिप्लोमा के छात्र, 18 सुपर स्पेशलिटी छात्र और एक पीएचडी स्कॉलर को उपाधि प्रदान की गई। थरूर ने कहा कि आज के डॉक्टरों को नए कौशल प्राप्त करने होंगे जो पिछली पीढ़ी के डॉक्टरों के पास नहीं था। जैसे, नई पीढ़ी के डॉक्टरों में कंप्यूटर और आइटी स्किल आवश्यक है ताकि उपकरणों का परिचालन कर सकें। इनके बाद आज के दौर में उन्नत चिकित्सा संभव नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेहतर डायग्नोसिस में मदद कर सकता है तो रोबोटिक सर्जिकल प्रक्रियाओं में मददगार साबित होगा। उपचार के उन्नत तरीके बेहतर विकल्प प्रदान करते हैं और सीखने की उम्र कभी खत्म नहीं होती।
उन्होंने कहा कि भारत और विदेशों में चिकित्सकों की मांग बढ़ती जा रही है। लेकिन, देश के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। एक प्रशिक्षित चिकित्सक के तौर पर डॉक्टर एक अनमोल उपहार की तरह हैं। इसे यूं ही नहीं जाया करें।

Rajeev Mishra Reporting
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