मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की रिहाई के लिए सभा

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की रिहाई के लिए सभा

Ram Naresh Gautam | Publish: Sep, 05 2018 04:49:32 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

रति राव ने कहा कि गैर कानूनी तरीके से झूठे आरोप लगाकर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जाना निंदनीय है

मैसूरु. विभिन्न प्रगतिशील व जनवादी संगठनों की ओर से कोटे आंजनेय मंदिर के सामने मंगलवार को आयोजित विरोध सभा में पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की गई। सभा में भाकपा माले के जिला सचिव जवारैय्याह, राज्य समिति सदस्य डाक्टर लक्ष्मीनारायाण और अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संगठन की अध्यक्ष ई. रति राव ने विचार व्यक्त किए। रति राव ने कहा कि गैर कानूनी तरीके से झूठे आरोप लगाकर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जाना निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि भाजपा और केन्द्र की वर्तमान सरकार लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के खिलाफ है तथा फासीवादी सिद्धांतों का समर्थन करती है। असहमति और विरोध को दबाना चाहती है। सभी ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की अविलंब रिहाई की मांग की।


सफाईकर्मियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन
मैसूरु. मैसूरु विश्वविद्यालय के सफाईकर्मियों ने मंगलवार से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया। सैकड़ों नाराज कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मानस गंगोत्री में नारेबाजी की। आरोप है कि उन्हें पीएफ, इएसआई की सुविधा नहीं दी जा रही है। दो माह से लंबित वेतन का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन से इनकी मांग है कि जिन कर्मचारियों ने 14 वर्ष तक सेवाएं पूरी कर ली हैं उन्हें स्थायी किया जाए। सफाईकर्मियों ने मांगें नहीं माने जान पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।


सुविधाओं की मांग के साथ विद्यार्थियों का आंदोलन शुरू
मैसूरु. कर्नाटक राज्य गंगूबाई हंगल संगीत व कला विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने यहां मंगलवार को परिसर में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वाद्ययंत्र बजाकर व गीत गाकर अपनी मांगों के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों ने बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग नहीं माने जाने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री जीटी देवेगौड़ा से अविलंब हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की।

छात्रों का कहना है कि प्रतिवर्ष छात्रों की संख्या में वृद्धि हो रही है, लेकिन इसके अनुपात में क्लास रूम की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। छात्राओं और महिला शिक्षकों के लिए अलग से विश्राम कक्ष और शौचालय नहीं हंै। विश्वविद्यालय की स्थापना संगीत और कला का विकास करने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली है। छात्र, छात्राओं के लिए अलग छात्रावास की व्यवस्था, परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करना, सभागार का निर्माण, पुस्तकालय की समुचित व्यवस्था, वाद्य यंत्रों की उपलब्धता और स्टूडियो की स्थापना प्रमुख मांगें हैं।

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