संवत्सरी का संदेश "क्षमा लेना व क्षमा देना-साध्वी कंचनप्रभा

सामूहिक क्षमापर्व का आयोजन

By: Yogesh Sharma

Published: 13 Sep 2021, 08:54 AM IST

बेंगलूरु. साध्वी कंचनप्रभा के सान्निध्य में संवत्सरी महापर्व की सम्पन्नता पर खमतखामणा क्षमापना समारोह आयोजित किया गया। मैत्री दिवस का शुभारम्भ आचार्य तुलसी द्वारा रचित मैत्री-गीत का संगान तेरापंथ सभाध्यक्ष मनोज डागा, संस्थापक अध्यक्ष कमलसिंह दुगड़, तेयुप अध्यक्ष सुशील भंसाली, महिला मंडल अध्यक्ष लता बाफना, पूर्व अध्यक्ष सरोज बैद, कंचन छाजेड़ कन्या मंडल संयोजिका प्रेक्षा सुराणा ने किया। धर्म परिषद को सम्बोधित करते हुए साध्वी कंचनप्रभा ने कहा-आगमवाणी का मार्मिक एक सूत्र है "मित्ती मे सव्व भूएसु" मेरी सब प्राणियों के साथ मैत्री है। इस मन्त्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए आपने तीर्थंकरों की वाणी का रसपान किया है। वह हमें भीतर झांकने की प्रेरणा प्रदान करता है। जब हम अपने आप को देखते हैं तो दूसरों की नहीं अपनी ही त्रुटियां दिखती हैं, फिर हम झुकना सीख जाते हैं, वही प्राप्त होता है। संवत्सरी महापर्व का संदेश "क्षमा लेना व क्षमा देना" पूरे श्रावक समाज ने समझा है यही गौरव की बात है। आज तेरापंथ के अष्टम आचार्य कालूगणी का महाप्रयाण दिवस भी है। उनके द्वारा दीक्षित 2 मुनि तुलसीगणी एवं महाप्रज्ञ ने धर्मसंघ में आचार्य पद की शोभा में वृद्धि की है। उपस्थित परिषद ने भी भावभीनी आध्यात्मिक श्रद्धांजलि अर्पित की।
शासन साध्वी मंजुरेखा ने कहा जो व्यक्ति अपना आत्मालोचन करता है वह विनय भाव से मैत्री के साथ पवित्र व्यवहार करता है। साध्वी उदितप्रभा, साध्वी निर्भयप्रभा व साध्वी चैलनाश्री ने मैत्री गीत के साथ सभी को संदेश दिया। साध्वी की विशेष प्रेरणा से यहां 108 से भी अधिक पौषधोपवास एवं विभिन्न तपस्या, उपवास आदि हुए। संचालन मंत्री विक्रम महेर ने किया।

Yogesh Sharma Reporting
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