मंत्री सीताराम भी नहीं चाहते चुनाव लडऩा

मंत्री सीताराम भी नहीं चाहते चुनाव लडऩा

| Publish: Apr, 20 2018 06:02:56 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

टिपटूर, जगलूर, बादामी के उम्मीदवार बदल सकती है कांग्रेस: बगावत दबाने की कवायद में जुटेे प्रमुख नेता

बेंगलूरु. कांग्रेस के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के बाद करीब 35 सीटों पर उभरे असंतोष को दबाने की कवायद में पार्टी के वरिष्ठ नेता जुट गए हैं। पार्टी नेता टिपटूर, जगलूरु तथा बादामी सहित कुछ सीटों के लिए उम्मीदवार बदलने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

तुमकूरु जिले की टिपटूर, चित्रदुर्गा जिले की जगलूर, बागलकोट जिले की बादामी सीटों पर मौजूदा विधायकों के टिकट काटने के कारण बगावत तेज होने के मद्देनजर कांग्रेस के नेता उम्मीदवार बदलने की जुगत में लग गए हैं। सूत्रों का कहना है कि मल्लेश्वरम सीट से पार्टी ने मंत्री एम.आर. सीताराम को टिकट दिया है लेकिन वे चुनाव लडऩे में रुचि नहीं ले रहे हैं और उन्होंने किसी दूसरे को टिकट देने की वरिष्ठ नेताओं से अपील की है।
बुधवार रात प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के.सी. वेणुगोपाल व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी. परमेश्वर ने मैसूरु जाकर इस मसले पर मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के साथ विस्तार से चर्चा की है।

कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद 35 विधानसभा क्षेत्रों से असंतोष के सुर उठे हैं। लिहाजा प्रदेश के प्रमुख नेताओं को असंतोष शांत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तीन प्रमुख क्षेत्रों के नेताओं के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद बातचीत करेंगे। टिकट वंचितों को समझाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या, जी. परमेश्वर, डी.के.शिवकुमार तथा मल्लिकार्जुन खरगे को सौंपी गई है। मायाकोंडा सीट से टिकट नहीं मिलने के कारण शिवमूर्ति नायक बगावत पर उतरे हैं जिनको मनाने की जिम्मेदारी शामनूर शिवशंकरप्पा व सिद्धरामय्या को सौंपी गई है। टिपटूर से टिकट पाने से वंचित रहे षडक्षरी को समझाने के लिए के.एन.राजण्णा को लगाया गया है। बादामी में पूर्व मंत्री बी.बी. चिम्मनकट्टी को समझाने की जिम्मेदारी सिद्धरामय्या व एस.आर.पाटिल को सौंंपी गई है।

हानगल सीट से टिकट पाने से वंचित रहे मनोहर तसलीलदार को समझाने के लिए सिद्धरामय्या ने उनके साथ बातचीत की हैं। इसी तरह कोल्लेगाल से विधायक एस. जयण्णा का टिकट ,काटकर इस बार के.आर. कृष्णमूर्ति को टिकट दिया गया है जिससे जयण्णा बगावत पर उतर गए हैं। उनको शांत करने के लिए सांसद धु्रवनारायण व एच.सी. महादेवप्पा को लगाया गया है। केजेएफ से मुनियप्पा की पुत्री रूपा को टिकट देने से टिकट के प्रबल दावेदार श्रीनिवास बगावत पर उतरे हैं और दिनेश गुंडूराव व जी. परमेश्वर उन्हें समझाने के प्रयास में लगे हैं।

इसी तरह देवनहल्ली से इस बार वीरप्पा मोइली के करीबी वेंकटस्वामी को टिकट दिया गया है जिससे खरगे के करीबी नारायणस्वामी नाराज हैं। खरगे उनको मनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसी तरह शहर की महालक्ष्मी ले-आउट सीट से पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआई के मंजुनाथ गौड़ा को टिकट देने से गिरीश के. नाशी बगावत पर उतरे हुए हैं जिनको शांत करने की जिम्मेदारी परमेश्वर को सौंंपी गई है।
जयनगर सीट से रामलिंगा रेड्डी की पुत्री सौम्या रेड्डी को टिकट दिए जाने से बगावत पर उतरे रिजवान नवाज को मनाने के लिए वेणुगोपाल व रिजवान अर्शद बातचीत कर रहे हैं। इसी तरह जगलूर, ब्याडग़ी, बोम्मनहल्ली, कडूर, बागेपल्ली, राजाजी नगर, दासरहल्ली, कारकला बीदर दक्षिण सीट, विजयपुर तथा पुलकेशीनगर सीट से भी बगावत के सुर तेज हो रहे हैं और इसे दबाने की जिम्मेदारी अलग-अलग नेताओं को सौंपी गई है।

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