आइटी के राडार पर आए मंत्री, ठेकेदार, कारोबारी

लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान के बीच आयकर विभाग की बुधवार देर रात 7 जिलों में शुरू हुई छापामारी की कार्रवाई गुरुवार को दिनभर चलती रही।

By: शंकर शर्मा

Published: 29 Mar 2019, 02:02 AM IST

बेंगलूरु. लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान के बीच आयकर विभाग की बुधवार देर रात 7 जिलों में शुरू हुई छापामारी की कार्रवाई गुरुवार को दिनभर चलती रही। मंत्रियों, ठेकेदारों और उद्योगपतियों के ठिकानों पर हुई छापामार कार्रवाई के बाद लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहे राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां बहुत तेज हो गई हैं।


मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार रात दावा किया था कि गुरुवार को एक षड्यंत्र के तहत आयकर के छापे पडेंग़े। उनका दावा सच साबित हुआ। वास्तव में आयकर अधिकारियों ने बुधवार रात ही बेंगलूरु के साउथ एंड सर्कल स्थित एक उद्योगपति सिद्दीकी सेत के निवास पर छापा मार दिया था। सेत के दो निवास और दो कार्यालयों पर कार्रवाई हुई। आयकर अधिकारियों की इस कार्रवाई का दायरा गुरुवार तडक़े ७ जिलों तक फैल गया और इसकी जद में खुद एक मंत्री और एक अन्य मंत्री के नजदीकी लोग भी इसकी चपेट में आ गए।


सूत्रों के अनुसार आइटी विभाग को सूचना मिली थी कि मंड्या से गठबंधन प्रत्याशी निखिल गौड़ा के नामांकन दाखिल करने के समय निकले जुलूस में भीड़ जुटाने के लिए बड़े पैमाने पर नकदी का इस्तेमाल किया गया है। इस संबंध में भी आयकर अधिकारियों ने अशोक से पूछताछ की। इसके अलावा चन्नरायपट्टण में एक ठेकेदार सैयद हफीज खान के निवास पर भी छापा मारा गया।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बी. रेवण्णा के मेलूकोटे स्थित निवास और कार्यालय पर छापा पड़ा है। अधिकारियों ने चिकमगलूर के चेन्नापुर रोड स्थित ठेकेदार सीवीएलएच रेड्डी के निवास और कार्यालय पर छापे मारे। शिवमोग्गा में शंकरमठ रोड निवासी ठेकेदार परमेश्वर गौड़ा के निवास पर छापे मारा गया।


छापे आयकर विभाग का रुटीन कार्य : राव
इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व कर्नाटक के प्रभारी मुरलीधर राव ने आयकर छापों को राजनीति से प्रेरित बताने के आरोपों से साफ इनकार किया है। यह आयकर विभाग का रुटीन कार्य है, जिसे राजनीति से प्रेरित कहना सरासर गलत है। कांग्रेस व जद-एस के नेता हताश होकर इन कार्रवाइयों को राजनीतिक रंग देने पर तुले हैं। कर्नाटक में भाजपा नेताओं के ठिकानों पर भी आयकर छापे पड़ चुके हैं पर उस वक्त कांग्रेस व जद-एस के नेताओं ने चुप्पी साधी थी।


केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल : खरगे
कलबुर्गी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी आयकर छापे को राजनीति से जोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। जो लोकतंत्र की नैतिकता को बर्बाद कर देगा। खरगे ने कहा कि लोकसभाव चुनाव के पहले इस तरह के छापों का सहारा ले केंद्र सरकार गठबंधन के नेताओं का मनोबल गिराने की कोशिश कर रही है।

आयकर विभाग के छापे राजनीतिक साजिश है। इनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को कुछ हासिल नहीं होगा। खरगे ने कहा कि गलबुर्गी जिले के विकास के लिए केंद्र सरकार ने गत पांच वर्षों में कुछ नहीं किया है। जबकि वे अपने काम के आधार पर वोट मांग सकते हैं। उन्होंने कहा कि चार अप्रेल को वह गुलबर्गा क्षेत्र से नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।

शंकर शर्मा
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