मंत्री का ध्यान मुख्य विभाग पर,अतिरिक्त विभाग अनाथ

मंत्रिमंडल का गठन पुरा नहीं होने के कारण कई मंत्रियों को दो से अधिक विभागों का दायित्व सौंपा गया है।जिसके परिणाम स्वरुप मंत्री इन अतिरिक्त विभागों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पा रहें है। जिसके कारण इन विभागों की न तो समीक्षा बैठक हो रही है न बजट की पूर्व तैयारी।

बेंगलूरु.मंत्रिमंडल का गठन पुरा नहीं होने के कारण कई मंत्रियों को दो से अधिक विभागों का दायित्व सौंपा गया है।जिसके परिणाम स्वरुप मंत्री इन अतिरिक्त विभागों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पा रहें है। जिसके कारण इन विभागों की न तो समीक्षा बैठक हो रही है न बजट की पूर्व तैयारी।
मुख्यमंत्री के पास 16 विभागों का दायित्व
मुख्यमंत्री बीएस यडियूरप्पा के पास कर्मचारी तथा प्रशासनिक सुधार,गृह विभाग का खुपिया विभाग के साथ-साथ जलसंसाधन,ऊर्जा, योजना सांख्यकी, बुनियादी ढ़ांचागत विकास तथा बेंगलूरु शहर विकास विभाग है।हाल में प्रशासन की इस अजीबोगरीब स्थिति पर टिप्पणी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया था की मुख्यमंत्री का एक साथ 16 विभागों का निर्वहन उनके (सिद्धरामय्या) के समझ से परे है।
न समीक्षा बैठक न बजट की तैयारी
मंत्रिमंडल के विस्तार से पहले जिन मंत्रियों को अन्य विभागों का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है ऐसे मंत्री केवल उनके प्रमुख विभाग पर ध्यान केंद्रीत करते हुए अतिरिक्त प्रभार की अनदेखी कर रहें है।जिसके कारण ऐसे विभागों में सन्नाटा है।ऐसे विभागों की हाल में कोई समीक्षा बैठक तक नहीं हुई है। मार्च माह में राज्य का बजट पेश किया जा रहा है लेकिन ऐसे विभागों में अभी तक बजट पूर्व बैठक नहीं होने के कारण बजट के लिए प्रस्ताव भी नहीं तैयार किए गए है।
विभागों में लगा फाइलों का अंबार
इन विभागों की फाइलों का निपटारा भी धीमी गति से होने के कारण प्रशासन प्रभावित हो रहा है। बताया जा रहा है कि मंत्री केवल ऐसे विभागों के अधिकारियों के तबादलों के अलावा अन्य किसी भी फाइल का निपटारा करने का साहस नहीं जुटा पा रहें है। ऐसे विभागों को लेकर मंत्री की अनदेखी के कारण यहां अब केवल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की तूती बज रही है। मौजूदा स्थिति के कारण जलसंसाधन,वन,सहकारिता तथा समाज कल्याण जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक विभाग में कोई नीतिगत फैसले नहीं लिए जाने से कई समस्याएं पैदा हो रही है। इस कारण से कई विकास योजनाएं पटरी से उतर गई है।
मंत्री अतिरिक्त विभाग
गोविंद कारजोल समाज कल्याण
डॉ अश्वथनारायण चिकित्सा शिक्षा
लक्ष्मण सवदी कृषि
केएस ईश्वरप्पा युवा सबलीकरण
आर अशोक नगर निकाय प्रशासन
जगदीश शेट्टर सार्वजनिक उद्यम
बी.श्रीरामूलु पिछडा वर्ग विकास
एस सुरेश कुमार श्रम एवं सकाल
वी.सोमण्णा बागवानी तथा रेशम
जेसी माधुस्वामी लघुसिंचाई
सीटी रवि पर्यटन, चीनी
बसवराज बोम्मई सहकारिता
सीसी पाटिल वन, पर्यावरण
प्रभू चव्हाण अल्पसंख्यक हज तथा वक्फ
शशिकला जोल्ले आहार नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले
एच नागेश कौशलविकास तथा उद्यमशीलता

Sanjay Kulkarni Reporting
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned