युवा पीढ़ी को भ्रष्ट करने में मोबाइल की अहम भूमिका: डॉ. समकित मुनि

केशी गौतम संवाद

By: Santosh kumar Pandey

Published: 17 Oct 2020, 10:39 PM IST

बेंगलूरु. अशोकनगर शूले जैन स्थानक में विराजमान श्रमण संघीय डॉ. समकित मुनि ने केशी गौतम संवाद पर प्रवचन में कहा कि इस लोक में अनेक ऐसे कुमार्ग हैं जिनके संपर्क से जीव सन्मार्ग से भ्रष्ट हो जाते हैं।

दुनिया में गलत लोग भी हैं क्योंकि कुमार्ग का निर्माण सज्जन व्यक्ति नहीं करता। सन्मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति का गलत लोगों से संपर्क से भ्रष्ट हो जाना यह स्थिति बहुत गंभीर है। इसका सीधा तात्पर्य है कि सन्मार्ग पर चलने वाले की अपेक्षा गलत मार्ग पर चलने वाला मजबूती से आगे बढ़ता है।

वर्तमान के माहौल में सही रास्ते कम दृष्टि गोचर होते हैं। सारा संसार भटकाने में लगा हुआ है। आज शराब के बिना व्यक्ति कुछ घंटे बिता सकता है लेकिन मोबाइल ऐसी खतरनाक स्थिति है जिससे इसकी लत लग जाती है वह दस मिनट भी मोबाइल के बिना रह नहीं सकता। युवा होते आज के बच्चे गलत मार्ग को पकड़ रहे हैं। मोबाइल युवा पीढ़ी को भ्रष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मोबाइल के सदुपयोग अनेक हैं परंतु इंसान दुरुपयोग ज्यादा कर रहा है।

मुनि ने कहा कि गलत मार्ग को पकडऩे से पहले तीन बातों पर अवश्य चिंतन करें। क्या यह कार्य मेरे लिए सही है। क्या मेरे परिवार के लिए यह उचित है। बच्चों को भी इन बातों को स्वयं से पूछने के लिए कहें। जो व्यक्ति सन्मार्ग और कुमार्ग पर बढऩे वाले व्यक्तियों के अंजाम को जान लेता है तब वह अपने कदम गलत मार्ग पर नहीं बढ़ाता। युवा पीढ़ी गलत मार्ग पर नहीं बढ़ेगी तभी देश विकसित होगा।
प्रेम कुमार कोठारी ने कहा कि इस मौके पर मोहनलाल चोपड़ा, यशवंत राज सांखला, अरविंद कोठारी आदि उपस्थित थे।

Santosh kumar Pandey Desk
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