एअर एंबुलेंस मॉक ड्रिल में मंड्या से बेंगलूरु पहुंची मां और शिशु

हेलीकॉप्टर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने दिखाई हरी झंडी।

बेंगलूरु. इंटरनेशनल क्रिटिकल केयर एयर ट्रांसफर टीम (Helicopter Emergency Medical Service - आईसीएटीटी) ने हेलीकॉप्टर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा का मॉक ड्रिल (Mock Drill - अभ्यास) किया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. सीएन अश्वथनारायण (Dr. C. N. Ashwath Narayan)के हरी झंडी दिखाने के बाद हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस यलहंका के जक्कूर एयरोड्रम से मंड्या के लिए रवाना हुई और वहां एक बनावटी दुर्घटना स्थल से डमी मां और शिशु को सुरक्षित निकालकर एम्बुलेंस में लेकर बेंगलूरु लौटी। इस दौरान डॉ. अश्वथनारायण एयरोड्रम पर मौजूद थे। मॉक ड्रिल में दमकल विभाग, पुलिस, अस्पताल और एम्बुलेंस सेवा से जुड़े प्रतिनिधि ने भाग लिया।

आईसीएटीटी एयर एम्बुलेंस सेवा के सह संस्थापक डॉ. राहुल सिंह सरदार ने कहा कि एम्बुलेंस में प्रशिक्षित चिकित्सक, नर्स और प्राथमिक उपचार से लेकर उन्नत आइसीयू, निगरानी उपकरण व वेंटिलेटर आदि की व्यवस्था है। वर्ष 2018 में देश में करीब 1.49 लाख लोगों की मौत विभिन्न सड़क दुर्घाटनाओं में हुई। जो कि विश्व में सड़क हादसों में होने वाली मौतों का 11 फीसदी है। अमरीका, यूनाइटेड किंग्डम व अन्य यूरोपीय देशों में एयर एम्बुलेंस सेवा प्रचलित है। एयर एम्बुलेंस सेवा भारत के लिए अनिवार्य है, जहां आधुनिक व उन्नत चिकित्सा सेवाएं विकसित क्षेत्रों तक ही सीमित हैं।

Nikhil Kumar
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