संयम मार्ग पर चलने की दी प्रेरणा

संयम मार्ग पर चलने की दी प्रेरणा

Santosh Kumar Pandey | Publish: Jan, 14 2019 08:06:44 PM (IST) | Updated: Jan, 14 2019 08:06:45 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

सीमंधर स्वामी राजेंद्र सूरी जैन श्वेताम्बर मंदिर चिकपेट के तत्वावधान में आचार्य विजय राजेंद्र सूरीश्वर की १९२वीं जयंती एवं ११२वीं पुण्यतिथि निमित्त रविवार को वरघोड़ा व गुणानुवाद सभा का आयोजन हुआ।

बेंगलूरु. सीमंधर स्वामी राजेंद्र सूरी जैन श्वेताम्बर मंदिर चिकपेट के तत्वावधान में आचार्य विजय राजेंद्र सूरीश्वर की १९२वीं जयंती एवं ११२वीं पुण्यतिथि निमित्त रविवार को वरघोड़ा व गुणानुवाद सभा का आयोजन हुआ।

सीमंधरस्वामी राजेंद्रसूरी जैन श्वेताम्बर मंदिर मामूलपेट में स्नात्र महोत्सव से आरंभ कार्यक्रम में गुरुसप्तमी की विशेष आरती हुई, जिसके लाभार्थी रमेशचंद पवनचंद भण्डारी रहे। मुनि हितचन्द विजय की निश्रा में वरघोड़ा निकाला जो चिकपेट, एएस चार स्ट्रीट, मामुलपेट, एवेन्यू रोड, किलारी रोड होते हुए गुरु राजेंद्र भवन पहुंचकर संपन्न हुआ।

राजेंद्र भवन में मुनि हितचन्द विजय की निश्रा में गुणानुवाद सभा हुई। उन्होंने कहा कि आज पुत्र का मोह तो सभी को है। किसी को दीक्षा की भावना जागृत करें ताकि जिनशासन में काम आए। इसके बिना जिनशासन असंभव है। जिनशासन की पेढ़ी चलाने के लिए साधु साध्वी की आवश्यकता होती है। एक साधु तैयार करना बड़ा कठिन है। उपाध्यक्ष धीरज भण्डारी ने स्वागत किया। बहनों ने स्वागत गीत ‘अद्भुत जिनशासन को वंदन वंदन...’ पेश किया। नेमीचंद वेदमुथा ने आचार्य राजेंद्र गुरु के जीवन पर प्रकाश डाला। सचिव मांगीलाल वेदमुथा, सोहन मेहता, चम्पालाल ने आचार्य के प्रति भावना व्यक्त की। संघ पदाधिकारियों व ट्रस्टियों ने मुनि हितचन्द विजय को काम्बली ओढ़ाई। मंदिर में दोपहर में राजेंद्रसूरी अष्टप्रकारी पूजा हुई। राज राजेंद्र सूरी संगीत मंडल मामुलपेट द्वारा शाम को मंदिर में अंगरचना एवं भक्ति भावना का आयोजन हुआ।

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