राष्ट्रीय शिक्षा नीति से आमूलचूल परिवर्तन संभव

नीति के कारण देश में कुशल मानव संसाधन की वृद्धि होगी

By: Sanjay Kulkarni

Published: 16 Sep 2020, 05:29 PM IST

बेंगलूरु. हाल में केंद्र सरकार की ओर से घोषित राष्ट्रीय शिक्षा नीति से शिक्षा क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिलेगा। उपमुख्यमंत्री डॉ सीएन अश्वथनारायण ने यह बात कही।यहां मंगलवार को बेंगलूरु उत्तर विवि, बेंगलूरु शैक्षणिक एवं सामाजिक अध्ययन केंद्र तथा क्राइस्ट कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर विचार संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि इस नीति के कारण देश में कुशल मानव संसाधन की वृद्धि होगी तथा जिसके परिणाम स्वरूप हमारा देश विश्व में एक महाशक्ति के रूप में उभरेगा।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के कारण आजादी के बाद शिक्षा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन का लक्ष्य है। कर्नाटक में इस नीति को लागू करने की तैयारियां तेजी से चल रही है। नई शिक्षा प्रणाली देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूती प्रदान करेगी। इससे देशीय प्रतिभाओं को नवाचार तथा नवोन्मेष के कई अवसर प्राप्त होंगे।

हड़ताल वापस लेकर प्रशासन के साथ सहयोग करें : श्रीरामुलु

बेंगलूरु. चिकित्सकों की अधिकतर मांगे मंजूर की गई है। लिहाजा चिकित्सकों को हड़ताल वापस लेकर प्रशासन के साथ सहयोग करना चाहिए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्रीरामुलु ने यह बात कही।यहां मंगलवार को स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री डॉ के सुधाकर के साथ कर्नाटक राज्य चिकित्सक संघ के पदाधिकारियों के साथ संवाद के पश्चात उन्होंने चिकित्सकों को हड़ताल वापस लेने की अपील की है।

साथ में उन्होंने कोरोना महामारी जैसी विषम स्थिति में राज्य के चिकित्सकों के कार्य की सराहना करते हुए जनता के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार के साथ सहयोग करने की अपील की है।बैठक में भाग लेने वाले पदाधिकारियों ने संघ के अन्य नेताओं के साथ बातचीत कर हड़ताल को लेकर 18 सितंबर को राज्य सरकार को संघ के फैसले को लेकर अवगत कराने की बात की है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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