केंद्रीय मंत्रिमंडल गठन में लिंगायत समुदाय की उपेक्षा

केंद्रीय मंत्रिमंडल गठन में लिंगायत समुदाय की उपेक्षा

Santosh Kumar Pandey | Updated: 04 Jun 2019, 04:45:09 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

लिंगायत समुदाय को पृथक धर्म का दर्जा देने के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले राज्य के गृहमंत्री एम.बी.पाटिल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवगठित केन्द्रीय मंत्रिमंडल में लिंगायत समुदाय के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि लिंगायत समुदाय के लोग इस अन्याय को नहीं भूूलेंगे और आने वाले समय में इस अन्याय के खिलाफ मुंह तोड़ जवाब देंगे।

बेंगलूरु. लिंगायत समुदाय को पृथक धर्म का दर्जा देने के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले राज्य के गृहमंत्री एम.बी.पाटिल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवगठित केन्द्रीय मंत्रिमंडल में लिंगायत समुदाय के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि लिंगायत समुदाय के लोग इस अन्याय को नहीं भूूलेंगे और आने वाले समय में इस अन्याय के खिलाफ मुंह तोड़ जवाब देंगे।

पाटिल ने विजयपुरा में कहा कि कर्नाटक से लोकसभा के लिए लिंगायत समुदाय से 10 सांसद चुने गए हैं पर उनमें से एक भी सांसद को केबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया है। सुरेश अंगड़ी व प्रह्लाद जोशी का चयन अलग बात है क्योंकि दोनों ही वरिष्ठ नेता हैं और लोकसभा के लिए चौथी बार चुने गए हैं। उनमें से एक प्रह्लाद जोशी को केबिनेट मंत्री बनाया गया है जबकि अंगड़ी को केवल राज्य मंत्री बनाया गया है।

लिंगायत समुदाय के लोगों को इस भेदभाव को समझना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा करके भाजपा व आरएसएस ने अपना छिपा एजेंडा उजागर कर दिया है। उन्होंने केबिनेट स्तर के मंत्री नहीं बनाए जाने के विरोध में सुरेश अंगड़ी से मंत्रिपद से त्यागपत्र देने की मांग की। एक सवाल के जवाब में पाटिल ने कहा कि हिन्दी एक राष्ट्रीय भाषा है पर इस भाषा को किसी राज्य पर जबरन थोपना गलत है। केंद्र सरकार को राज्य सरकारों के साथ विस्तार से चर्चा करनी चाहिए।

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