जल कर राख हुए पुस्तकालय का पुनर्निमाण

नए पुस्तकालय का शिलान्यास 23 को

By: Sanjay Kulkarni

Updated: 18 Apr 2021, 05:57 AM IST

बेंगलूरु. मैसूरु शहर के राजीव नगर में दिहाड़ी मजदूर सैयद इसाक के पुस्तकालयों को किसी ने आग के हवाले कर दिया था। इस आगजनी में पुस्तकालय में संग्रहित 11 हजार से अधिक पुस्तक जलकर राख हो गई थीं। एक दिहाडी मजदूर के पुस्तकप्रेम ने देश विदेश के पुस्तक प्रेमियों को चकित किया था। इस खबर ने कई लोगों को झकझोर कर दिया। परिणाम स्वरूप इस पुस्तकालय के पुनर्निमाण के लिए देश विदेश से सहायता मिल रही है।
सोशल मीडिया पर की गई क्राउड फंडिग से 5-6 लाख रुपए जुटाए गए हैं। कई पुस्तक प्रकाशन संस्थानों नें इस पुस्तकालय को नि:शुल्क पुस्तक देने की घोषणा की है। प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार ने सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग को इस पुस्तकालय के लिए हरसंभव सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
इस पुस्तकालय के निर्र्माण के लिए मैसूरु विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान के प्रोफेसर मुजफ्फर असदी के फेसबुक पर चलाए गए अभियान का भी व्यापक असर हो रहा है। बेंगलूरु साहित्यकार तथा प्रकाशक संघ ने पुस्तकालय को 5 हजार पुस्तकें उपलब्ध करने की घोषणा की है। सेलम तथा विशाखापट्टणम शहरों से पुस्तकों से भरी दो लॉरी शीघ्र ही मैसूरु पहुंच रही हैं। राजा राम मोहन रॉय पुस्तक प्रतिष्ठान ने भी पुस्तकें दान करने की घोषणा की है।
मैसूरु शहर विकास प्राधिकरण ने नए पुस्तकालय के लिए 5 हजार वर्गफीट का भूखंड आवंटित करने की घोषणा की है। नए पुस्तकालय का 23 अप्रैल को शिलान्यास होगा। पहले जहां पर यह अस्थायी तौर पर यह पुस्तकालय चलाया जा रहा था, उसी स्थान पर स्थाई निर्माण हो रहा है।
सैयद इसाक के अनुसार डॉ राजकुमार की सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों से प्रेरित होकर उन्होंने यह पुस्तकालय स्थापित किया था। इस पुस्तकालय में 80 फीसदी कन्नड़ पुस्तकें थीं। लोगों में समाचार पत्र पढऩे की आदत बढ़ाने के लिए वे प्रति दिन अपने खर्चे से इस पुस्तकालय के लिए 15-20 समाचार पत्र मंगाते थे। इस क्षेत्र में स्थित 80 फीट सड़क पर उन्होंने एक हजार से अधिक पौधे लगाए हैं, जो आज पेड़ बन गए हैं।

Sanjay Kulkarni Reporting
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