आचार्य कालूगणी का निर्वाण दिवस मनाया

तेरापंथ भवन गांधीनगर में आयोजन

By: Yogesh Sharma

Published: 14 Sep 2021, 07:34 AM IST

बेंगलूरु. तेरापंथ भवन गांधीनगर में साध्वी के सान्निध्य में तेरापंथ के आठवें आचार्य कालूगणी का निर्वाण दिवस मनाया। साध्वी लावण्याश्री ने कहा तेरापंथ के विलक्षण आचार्य परम्परा की शृंखला में एक अलौकिक आचार्य के रूप में आठवें आचार्य कालूगणी का नाम भी इतिहास के सुनहरे पृष्ठों में अमर बन गया। कालूगणी की समता की पराकाष्ठा को देखकर सम्पूर्ण धर्म संघ आश्चर्य चकित था। उनके देवलोक के बाद मात्र 22 वर्ष के युवा सन्त तुलसी को तेरापंथ की बागडोर सम्भालने का महनीय दायित्व दिया। साध्वी ने उत्तराध्ययन सूत्र के 29 वें अध्ययन पर प्रवचनमाला का क्रम प्रारम्भ करते हुए कहा संवेगेंण भंते जीवे किं जणयए। संवेग से जीव आत्मा श्रद्धा को प्राप्त करता है। पर्युषण महापर्व के पश्चात भी तप का क्रम अनवरत चल रहा है। कन्या मण्डल संयोजिका खुशी दुग्गड़, दीपिका रांका, राखी आच्छा, ममता सेठिया, ममता कोचर, कमल चोरडिया, मोहित बोराणा ने क्रमश: आठ, नौ, दस, ग्यारह, बारह का प्रत्याख्यान साध्वी ने करवाए। तप की अनुमोदना में साध्वी सिद्धान्तश्री, साध्वी दर्शितप्रभा ने ‘तप के दीप जले अनगिन’ गीत की प्रस्तुति दी। तेरापंथ महिला मण्डल की मंत्री सरस्वती बाफना, तेरापंथ सभा के अध्यक्ष सुरेश दक, सूरत से समागत युवा उपासक विशाल पारिख ने विचार व्यक्त किए। सभा उपाध्यक्ष अभयराज कोठारी विशाल पारिख का परिचय दिया। कार्यक्रम का संचालन साध्वी दर्शितप्रभा ने किया।

Yogesh Sharma Reporting
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