शहर में किसी उम्मीदवार ने खर्च नहीं किए 28 लाख रुपए

शहर में किसी उम्मीदवार ने खर्च नहीं किए 28 लाख रुपए

Shankar Sharma | Publish: Jul, 13 2018 10:44:59 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

मई में हुए राज्य विधानसभा चुनाव को भले ही देश का सबसे महंगा चुनाव बताया जा रहा हो लेकिन राजधानी बेंगलूरु के किसी 28 में से 26 विधानसभा क्षेत्रों मेें किसी भी उम्मीदवार ने चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा को नहीं छुआ।

बेंगलूरु. मई में हुए राज्य विधानसभा चुनाव को भले ही देश का सबसे महंगा चुनाव बताया जा रहा हो लेकिन राजधानी बेंगलूरु के किसी 28 में से 26 विधानसभा क्षेत्रों मेें किसी भी उम्मीदवार ने चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा को नहीं छुआ। चुनाव आयोग ने इस बार 28 लाख रुपए अधिकतम खर्च की सीमा तय की थी।

२६ विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लडऩे वाले ३३८ उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग को चुनाव खर्च का जो ब्यौरा सौंपा है उसके मुताबिक बेंगलूरु के अधिकांश उम्मीदवारों ने १० से २० लाख रुपए ही खर्च किए। कुछ उम्मीदवारों का खर्च ५ लाख रुपए से भी कम रहा।


शहर के दो विधानसभा क्षेत्रों- राजराजेश्वरी नगर व जयनगर में १२ मई के बजाय अलग-अलग समय पर मतदान कराया गया था।

सिर्फ ४ ने खर्च किए २० लाख से ज्यादा
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इनमें से सिर्फ ४ उम्मीदवारों ने ही २० लाख रुपए से ज्यादा की राशि चुनाव प्रचार के दौरान खर्च किए। हालांकि, इनमें से कोई भी नहीं जीता। बेंगलूरु शहरी जिले में चुनाव प्रचार सबसे ज्यादा राशि आम आदमी पार्टी के एक उम्मीदवार ने खर्च की।

सर्वज्ञ नगर से कांग्रेस उम्मीदवार के.जे. जार्ज (आइटी-बीटी मंत्री) के खिलाफ चुनाव लडऩे वाले आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक पृथ्वी रेड्डी ने २५.१९ लाख रुपए खर्च किए। २० लाख रुपए से अधिक की राशि चुनाव प्रचार करने वाले बाकी उम्मीदवारों में बसवनगुड़ी से कांग्रेस के प्रत्याशी एम बोरेगौड़ा ने २३.४७ लाख, गांधीनगर से जद-एस उम्मीदवार वी नारायण स्वामी ने २१.८५ लाख, चिकपेट से जद-एस उम्मीदवार ने २०.०६ लाख रुपए खर्च किए।


उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक चुनाव में उतरे राज्य के सबसे अमीर उम्मीदवार प्रिय कृष्ण ने १० लाख रुपए भी खर्च नहीं किए। शहर के गोविंदराज नगर से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे तत्कालीन विधायक प्रिय कृष्ण ने सिर्फ ९.५५ लाख रुपए ही खर्च किए। तत्कालीन आवास मंत्री रहे एम कृष्णप्पा के बेटे प्रिय कृष्ण को भाजपा और पूर्व मंत्री वी सोमण्णा ने हरा दिया था।


सबसे रोचक तथ्य है कि चुनाव जीतने वाले अधिकांश उम्मीदवारों ने २० लाख रुपए से कम खर्च किए। बैटरायनपुर से कांग्रेस उम्मीदवार कृष्णा बैरेगौड़ा (संसदीय कार्य मंत्री) और सी वी रमन से भाजपा के एस रघु सबसे कम खर्च कर चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों में हैं। बैरेगौड़ा ने जहां ४.३६ लाख रुपए खर्च किए जबकि रघु ने ४.९४ लाख रुपए ही खर्च किए।

प्रचार : सुरेश सबसे ज्यादा और कृष्णा सबसे कम खर्च में जीते
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक १२ मई को हुए चुनाव में शहर से चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा खर्च हेब्बाल से कांग्रेस के बैरती सुरेश ने किया जबकि सबसे कम खर्च कर चुनाव जीतने में कांग्रेस के ही कृष्णा बैरेगौड़ा सफल रहे। सुरेश ने १९.३४ लाख रुपए खर्च किए जबकि बैरेगौड़ा ने बैटरायनपुर में चुनाव प्रचार के लिए सिर्फ ४.३६ लाख रुपए की खर्च किए।

नए विधायकों में दिनेश गुंडूराव ( नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष) ने गांधीनगर क्षेत्र में प्रचार के लिए १८.८८ लाख, मल्लेश्वरम से भाजपा के सी एन अश्वथ नारायण ने १७.९६ लाख, बीटीएम ले-आउट से कांग्रेस के रामलिंगा रेड्डी (तत्कालीन गृह मंत्री) ने १६.५७ लाख, बेंगलूरु दक्षिण से कांग्रेस के एम. कृष्णप्पा ने १५.११ लाख रुपए खर्च किए। सबसे कम खर्च करने वालों में बैरेगौड़ा और रघु के अलावा राजाजी नगर से भाजपा के एस सुरेश कुमार (८.८७ लाख), यलहंका से भाजपा के एस आर विश्वनाथ (९.६६ लाख) और यशवंतपुर से कांगे्रस के एस टी सोमशेखर (१० लाख) शामिल हैं।

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