कृषि कार्यों पर कोविड-19 का असर नहीं

पिछले साल की तुलना में अब तक अधिक बुवाई
मजदूरों के लौटने से खेती का रकबा भी बढ़ा

By: Rajeev Mishra

Published: 07 Jul 2020, 09:53 PM IST

बेंगलूरु.
मानसून के आते कोरोना महामारी का प्रकोप भले ही बढ़ गया है लेकिन इसका असर खेती पर नहीं पड़ा है। राज्य में खरीफ बुवाई का काम पिछले वर्ष की तुलना में भी बेहतर है।

कृषि आयुक्त बृजेश कुमार दीक्षित ने कहा 'कृषि में जहां तक खरीफ बुवाई का संबंध है तो कोविड-19 का कोई असर नहीं पड़ा है। इसका प्रमुख कारण यह है कि गांवों में लोग सतर्क हैं, महामारी से डरे नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत में भी कोरोना वायरस है। लोग इससे वाकिफ हैं। वे सावधानी बरत रहे हैं लेकिन उन्हें फोबिया नहीं है। वहीं, देश के दूसरे राज्यों की तुलना में जून के दौरान राज्य में कोरोना का संक्रमण कम था जब अधिकतम फसलों की बुवाई हो गई थी। जून के अंत तक राज्य में 15 हजार 242 कोविड-19 संक्रमित मरीज थे जिनमें से 7074 सक्रिय थे।

उन्होंने कहा कि इस साल अभी तक जो बुवाई हुई है वह पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। इस वर्ष मौसम भी खेती के अनुकूल रहा है। समय पर बारिश होने से किसानों में उत्साह है। राज्य आपदा निगरानी केंद्र के अनुसार जून महीने में राज्य में 185 मिमी बारिश हुई जो औसत 199 मिमी की तुलना में 14 मिमी कम है। इसलिए किसानों के लिए इसे सामान्य या अच्छा साल कहा जाएगा। कुछ फसलों की बुवाई जुलाई के आखिरी पखवाड़े में होती हैं जबकि कुछ फसलें 15 अगस्त तक लगाई जाती हैं। दीक्षित ने कहा कि इस महीने के आखिरी दो सप्ताह काफी महत्वपूर्ण होंगे। महीने के अंत में इस निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे कि इस साल फसलों की बुवाई में आगे हैं या पीछे। लेकिन, जो संकेत मिल रहे हैं उनके अनुसार इस साल बुवाई का रकबा बढ़ा है। इसकी एक वजह यह भी है कि मजदूर गांवों की ओर लौटे हैं।

Corona virus
Rajeev Mishra Reporting
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