बिना संतोष शाांति नहीं

बिना संतोष शाांति नहीं

Sanjay Kumar Kareer | Updated: 03 Jan 2019, 07:25:59 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

शुरुआत अवश्य होनी चाहिए


बेंगलूरु. सुमतिनाथ जैन मंदिर प्रांगण में जैनाचार्य चन्द्रभूषण सूरी ने कहा कि जीवन में अध्यात्म का वह पहला कदम चाहे छोटा क्यूं न हो, किन्तु शुरुआत अवश्य होनी चाहिए। बांस का झाड़ बड़ा होने से पहले छोटा ही होता है।

जीवन में छोटी-छोटी घटनाएं बदलाव में अहम भूमिका निभाती हैं। आचार्य ने कहा कि श्रद्धा एवं विश्वास के छोटे-छोटे विचारों से ही चमत्कार होते हैं। जीवन में यदि शांति चाहिए तो आपको अपनी दृष्टि बदलनी होगी, बिना संतोष अपनाए शांति मुमकिन नहीं।
दुनिया को बदलना हमारे हाथ की बात नहीं, किन्तु हम स्वयं को परिवर्तित कर सकते हैं। जैनाचार्य शुक्रवार को यहां से विहार कर
मैसूरु पहुंचेंगे।

कुरुबा समुदाय के इतिहास पर आधारित 13 पुस्तकों का विमोचन 5 को

बेंगलूरु. कुरुबा सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष व विधान परिषद के सदस्य एच.एम. रेवण्णा ने कहा कि कुरुबा समुदाय के सांस्कृतिक इतिहास के 15 संस्करण में से 10 संस्करणों की 13 पुस्तकों का विमोचन 5 जनवरी किया जाएगा। जेसी रोड स्थित रवीन्द्र कला क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या विमोचन करेंगे। गत दस सालों से प्रदेश के विभिन्न जिलों और तहसीलों का दौरा कर समुदाय का विवरण संग्रहित किया गया है। विवरण संग्रहित करने और पुस्तकों को प्रकाशित करने के लिए 39 लाख रुपए खर्च किए गए है। विमोचन के दिन सभी पुस्तकों की खरीदी पर रियायत दी जाएगी।

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