असंतुष्टों को झटका, येडिूरप्पा को राहत : कर्नाटक में सीएम नहीं बदलेगी भाजपा

प्रदेश भाजपा प्रभारी ने सरकार और संगठन में नेतृत्व परिवर्तन की अटलकों को किया खारिज

 

By: Jeevendra Jha

Published: 12 Jun 2021, 02:43 AM IST

बेंगलूरु. राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच सत्तारुढ़ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा को बदले जाने से साफ तौर पर इनकार किया।

दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिंह ने कहा कि येडियूरप्पा मुख्यमंत्री हैं, वे अच्छा काम कर रहे हैं और वे पद पर बने रहेंगे। महामारी के दौर में भी उन्होंने और सभी मंत्रियों ने अच्छा काम किया है। अरुण ने कहा कि येडियूरप्पा से त्याग पत्र मांगने को लेकर आलाकमान स्तर पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने येडियूरप्पा और प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कटील को बदले जाने की चर्चाओं को अफवाह व काल्पनिक करार दिया।

येडियूरप्पा के पार्टी आलाकमान के निर्देश पर पद छोड़ऩे के लिए तैयार होने वाले बयान के बारे में पूछे जाने पर अरुण ने कहा कि येडियूरप्पा पार्टी के समर्पित नेता हैं और उन्होंने सिर्फ पार्टी आलाकमान में विश्वास जताया है। अरुण ने कहा कि पार्टी में चाहे प्रदेश हों या मुख्यमंत्री अथवा नेता, सभी आलाकमान में विश्वास रखते हैं। कुछ विधायकों और नेताओं के मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयानों के बारे में पूछे जाने पर अरुण ने कहा कि किसी को भी सार्वजनिक बयान देने की जरुरत नहीं है। ऐसी गतिविधियों मे शामिल नेताओं से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अरुण ने कहा कि अगर किसी को कोई समस्या है तो वे मुझ से प्रदेश दौरे के समय बात कर सकते हैं। लेकिन, किसी को भी सार्वजनिक बयानबाजी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

भाजपा विधायकों के हस्ताक्षर अभियान के बारे में पूछे जाने पर अरुण ने कहा कि विधायकों को अपने क्षेत्र के लोगों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए। असंतुष्टों को चेताते हुए अरुण ने कहा कि अगर किसी विधायक को कोई समस्या है तो मैं राज्य के दौर पर जाने वाला हूं, उस समस उनकी समस्याएं सुनूंगा। लेकिन, किसी को सार्वजनिक तौर पर मुख्यमंत्री की आलोचना करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अरुण अगले सप्ताह राज्य के तीन दिवसीस दौरे पर आएंगे। हालांकि, इस दौरान असंतुष्टों की मांग के मुताबिक पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाए जाने को लेकर स्थिति साफ नहीं है। इस बारे में पूछे जाने पर अरुण ने कहा कि वे कर्नाटक आने के बाद इसे देखेंगे।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से राजनीतिक गलियारों में कुछ विधायकों के येडियूरप्पा को हटाने की कोशिश की चर्चा हो रही है। कुछ मंत्रियों ने ऐसी गतिविधियों को स्वीकारा भी था। पर्यटन मंत्री सी पी योगेश्वर और विधायक अरविंद बेल्लद और उसके बाद येडियूरप्पा के बेटे व प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र के दिल्ली दौरे के बाद ऐसी चर्चाएं तेज हुई। इस बीच, पिछले सप्ताह येडियूरप्पा ने कहा था कि पार्टी आलाकमान जब तक चाहेगा तब तक वे पद पर बने रहेंगे। आलाकमान के निर्देश पर वे पद छोडऩे को तैयार हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव व विधायक एमपी रेणुकाचार्य ने येडियूरप्पा के समर्थन में ६५ विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भेजने की बात कही थी। बाद में येडियूरप्पा और कटील ने विधायकों को हस्ताक्षर अभियान रोकने के लिए कहा था। विजयपुर के विधायक बसवनगौड़ा पाटिल और विधान पार्षद एएच विश्वनाथ के साथ योगेश्वर भी येडियूरप्पा की आलोचना करते रहे हैं। असंतुष्ट विधायकों का खेमा सरकार के कुछ फैसलों, कोरोना प्रबंधन पर चर्चा के लिए विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग कर रहा है। प्रदेश अध्यक्ष कटील पहले ही कोरोना की स्थिति का हवाला देते फिलहाल बैठक बुलाने से इनकार कर चुके हैं।

Jeevendra Jha
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