सरकारी कृषि कॉलेजों का निजीकरण नहीं: कृष्ण बैरेगौड़ा

सरकारी कृषि कॉलेजों का निजीकरण नहीं: कृष्ण बैरेगौड़ा

Sanjay Kumar Kareer | Publish: Feb, 10 2018 01:14:30 AM (IST) Bangalore, Karnataka, India

अफवाह है कि सरकार कृषि कॉलेज चलाने में विफल होने पर इसका निजीकरण करने के लिए निजी कॉलेज मालिकों से चर्चा कर रही है।

बेंगलूरु. कृषि मंत्री कृष्णबैरे गौड़ा ने कहा कि सरकारी कृषि कॉलेजों को निजीकरण नहीं होगा। सरकार ने कॉलेजों के विकास और मूलभूत सुविधाओं के लिए १५ करोड़ रुपए जारी किए हैं।

उन्होंने कोलार में कहा कि कुछ दिनों से यह अफवाह उड़ाई जा रही है कि सरकार कृषि कॉलेज चलाने में विफल होने पर इसका निजीकरण करने के लिए निजी कॉलेज मालिकों से चर्चा कर रही है। इन अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। कृछ छात्रों ने उनसे संपंर्क कर कृषि कॉलेजों में रिक्त पदों की भर्ती के आदेश जारी करने की मांग की है। सरकार ने शीघ्र ९०८ पदों की भर्ती करने के लिए अनुमति दी है। कर्नाटक लोक सेवा आयोग से शीघ्र ही परीक्षाए होंगी। दूसरे चरण में भी लगभग एक हजार पदों की भर्ती होगी।

उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रदेश के हर राजस्व संभाग के चार जिलों के १०० गांवों का चयन कर उन्हें आदर्श कृषि गांव घोषित करने के लिए गावों की निशानदेही की जा रही है। अनाज उत्पादन अधिक करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूखा, बेमौसम बारिश और अन्य नैसर्गिक आपदा से नुकसान होने पर सहायता करने के लिए प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के लिए ६७५ करोड़ रुपए जारी किए जाएंगे।

अल्पसंख्यकों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर रही कांग्रेस

बेंगलूरु. विधानसभा में विपक्ष के नेता जगदीश शेट्टर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अस्पसंख्यकों का वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। उनके साथ भाजपा ने नहीं बल्कि कांग्रेस ने ही अन्याय किया है। भाजपा कभी भी अल्पसंख्यकों के विरुद्ध नहीं रही है।

उन्होंने शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि कांग्रेस पिछले छह सात दशकों से उनका वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करती चली आ रही है पर उसने उनके विकास के लिए कुछ नहीं किया जिसकी वजह से वे आज भी पिछड़े हुए हैं। कांग्रेस उनको शिक्षा सहित विभिन्न सुविधाएं प्रदान करने में विफल रही है।

उन्होंने कहा कि तीन तलाक विधेयक को लोकसभा में पारित कर दिया गया लेकिन राज्यसभा में इसे पारित करने के मार्ग में कांग्रेस रोड़े क्यों अटका रही है। मुस्लिम महिलाओं ने इस विधेयक का स्वागत किया है ऐसे में कांग्रेस का विरोध समझ से परे हैं। कांग्रेस की दोहरी मानसिकता निंदनीय है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों को भाजपा के खिलाफ लामबंद करना ही कांग्रेस का काम रह गया है। उन्होंने कहा कि पिछड़ों के विकास की बात करने वाली कांग्रेस ने पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी विधेयक राज्यसभा में
अटका दिया है।

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