विधानसभा कार्यवाही के प्रसारण के लिए अभी अलग चैनल नहीं

संविधान पर चर्चा से आएगी जागरूकता: कागेरी

बेंगलूरु.
विधानसभा अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी ने कहा कि विधानमंडल की कार्यवाही के प्रसारण के लिए अभी कोई अलग चैनल लाने का प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि विधानसभा साल में 150 दिन भी नहीं चलेगी। तो बाकी, दिनों में इस चैनल का क्या करेंगे।
विधानसभा की कार्यवाही के प्रसारण पर निजी चैनलों पर लगाई गई रोक के संदर्भ में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह पूर्ण प्रतिबंध नहीं हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया के पत्रकार विधानसभा में बैठने और कार्यवाही के दौरान उपस्थित रहने के लिए स्वतंत्र है। केवल चैनलों के कैमरों को प्रतिबंधित किया गया है। हालांकि, दूरदर्शन का कैमरा कार्यवाही कवर करेगा और वीडियो फुटेज सभी चैनलों को नि:शुल्क दिए जाएंगे। वे पारदर्शिता में विश्वास करते हैं। स्पीकर सम्मेलन के दौरान विधानसभा की गरिमा और छवि बनाए रखने पर चर्चा हुई। इन सम्मेलनों में लोकसभा और राज्यसभा की तर्ज पर सदन चलाने के सुझाव आए। उन्होंने दावा किया कि पहले से ही कई राज्यों ने चैनलों के कैमरों पर कार्यवाही कवर करने से प्रतिबंधित किया है।
पहली बार 2 मार्च और 3 मार्च को राज्य विधानसभा में दो दिनों के लिए भारतीय संविधान पर चर्चा करने के बारे में जानकारी देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह की चर्चाओं से विधायकों में संविधान के बारे में जागरूकता लाने में मदद मिलेगी। हालांकि, उन्हें संविधान के बारे में जानकारी है, पर चर्चा से उनकी जानकारी ताजा होगी और संविधान का संदेश आम लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या किसी बाहरी विद्वान को भी चर्चा के लिए आमंत्रित किया जाएगा कागेरी ने कहा कि इस पर अभी विचार विमर्श हो रहा है। यह पूछे जाने पर कि क्या सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर भी चर्चा होगी उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि संविधान पर चर्चा को सर्वोपरि रखा जाए।

Rajeev Mishra Reporting
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