रेरा में पंजीयन नहीं तो अब काली सूची में शामिल होंगी परियोजनाएं

आवास मंत्री बोले: 924 परियोजनाओं पर लटक रही तलवार

By: Ram Naresh Gautam

Published: 20 Jul 2018, 06:14 PM IST

बेंगलूरु. राज्य सरकार रीयल एस्टेट नियमन प्राधिकरण (रेरा) के गैर पंजीकृत प्रदेश की 924 आवासीय परियोजनाओं को काली सूची में शामिल करने की तैयारी कर रही है। रीयल एस्टेट नियमन व विकास कानून के प्रावधानों के मुताबिक रेरा में आवासीय योजनाओं का पंजीयन अनिवार्य है।

शहरी विकास व आवास मंत्री यू टी खादर ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विभाग ने इस परियोजनाओं से जुड़ी कंपनियों को नोटिस भेजा है लेकिन जवाब नहीं मिला है। लिहाजा, सरकार अब इन परियोजनाओं को काली सूची में शामिल करने पर विचार कर रही है और इसके बारे में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

खादर ने बताया कि विभाग ने कुल 1626 परियोजनाओं को लेकर नोटिस जारी किया था। इनमें से 604 परियोजनाओं के बारे में संबंधित कंपनियों अथवा डेवलपर से संतोषजनक जवाब मिले हैं। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि रेरा नियमों के उल्लंघन से जुड़ी 572 शिकायतें मिली हैं जिनमें से 221 का निपटारा हो चुका है।

खादर ने कहा कि औसत किसी शिकायत का निपटारा दो महीने के अंदर हो रहा है। खादर ने कहा कि सभी आवासीय परियोजनाओं की रेरा में पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों से आवासीय परियोजनाओं के विज्ञापनों और सूचना विवरणिकाओं का अध्ययन करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही सभी शहरी निकायों को आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी देने के साथ ही उसकी सूचना भी देने के लिए कहा गया है ताकि रेरा सत्यापन को आसान बनाया जा सके।

खादर ने कहा कि बिना रेरा पंजीयन वाले आवासीय परियोजनाओं में भूखंड या आवास खरीदकर ठगी का शिकार होने पर सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी और इन कंपनियों द्वारा बनाए जाने वाले भवनों को सरकार बिजली और पानी का कनेक्शन नहीं देगी।

 

भवन निर्माण की ऑनलाइन मंजूरी व्यवस्था जल्द
खादर ने कहा कि भवन निर्माण के नक्शों की मंजूरी में आ रही कठिनाइयों व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार आवास तथा वाणिज्यिक भवनों के नक्शों को मंजूरी के ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करके 30 दिनों के भीतर मंजूरी देने की नई व्यवस्था लागू करने के बारे में गंभीरता से विचार कर रही है।

उन्होंने कहा कि नक्शे मंजूर कराने के लिए लोगों को होने वाली परेशानियों खत्म करने के लिए नगर निगमों, शहरी विकास प्राधिकरणों व शहरी स्थानीय निकायों में नई योजना लागू की जाएगी। योजना के तहत लोगों को आवास या वाणिज्यिक भवनों के नक्शे आवेदनों के साथ भेजने होंगे। मंजूरी के लिए एकल खिड़की व्यवस्था लागू की जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन मिलने के 30 दिन में संबंधित प्राधिकरण या शहरी निकाय के जरिए अनुमति प्राप्त की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण की अनुमति प्राप्त करने के लिए अब तक लोगों को 14 विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे।

Ram Naresh Gautam
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