नए डीजीपी की नियुक्ति में वरिष्ठता नहीं, कार्यकाल को मिल सकती है प्रमुखता

पुलिस प्रशासन : एक साथ सेवानिवृत होंगे डीजीपी स्तर के तीन अधिकारी

प्रसाद और प्रवीण सूद प्रबल दावेदार
बदल सकते हैं कुछ शहरों के पुलिस आयुक्त भी

बेंगलूरु. इस महीने के अंत में राज्य के पुलिस प्रशासन में भारी फेरबदल होगा। पुलिस महानिदेशक संवर्ग के तीन अधिकारियों के एक साथ सेवानिवृत होने के कारण कई अधिकारियों को प्रोन्नति के साथ नई जिम्मेदारी मिलेगी तो कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले भी किए जाएंंगे। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक नए पुलिस प्रमुख की नियुक्ति के साथ ही बेंगलूरु सहित कुछ शहरों के पुलिस आयुक्त भी बदले जा सकते हैं।

जानकारों का कहना है कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के तीन रिक्त होने वाले पदों पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारियों को प्रोन्नत किया जाएगा और इसके साथ ही वे भी राज्य पुलिस प्रमुख पद के दावेदार हो जाएंगे।

सूत्रों का कहना है कि नए पुलिस प्रमुख के चयन में सरकार वरिष्ठता के पैमाने की अनदेखी कर सकती है। वरिष्ठता के बजाय सरकार कार्यकाल को प्रमुखता दे सकती है। ऐसे में नियुैिक्त को अदालत में चुनौती दिए जाने का खतरा बना रहेगा। कुछ अपवादों को छोड़कर राज्य में शीर्ष स्तर पर नियुक्तियां वरिष्ठता के आधार पर होती रही हैं। लेकिन, इस बार स्थिति अलग हो सकती है। अगर सरकार डीजीपी बनाए जाने वाले अधिकारी के कार्यकाल को आधार बनाती है तो वरिष्ठता की अनदेखी होगी।

हालांकि, अदालती आदेशों के कारण डीजीपी नियुक्त किए जाने पर सेवानिवृति में कम समय होने के बावजूद संबंधित अधिकारी को दो साल का कार्यकाल मिलना तय है। सूत्रों का कहना है कि नए पुलिस प्रमुख की नियुक्ति की घोषणा अगले सप्ताह हो सकती है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कमल पंत को राजधानी का पुलिस आयुक्त और बेंगलूरु पुलिस के केंद्रीय अपराध जांच शाखा के संयुक्त आयुक्त संदीप पाटिल को गुप्तचर विभाग का प्रमुख बनाए जाने की चर्चा है।

कुछ को मिलेगी नई जिम्मेदारी
सूत्रों के मुताबिक प्रशासनिक फेरबदल के दौरान दो शहरों के पुलिस आयुक्त भी बदले जा सकते हैं। सचिवालय के गलियारों में चर्चा है कि बेंगलूरु और मेंगलूरु में पुलिस आयुक्त पद पर नए अधिकारियों को तैनात किया जा सकता है। बेंगलूरु में भास्कर राव की जगह कमल पंत को पुलिस आयुक्त बनाए जाने की चर्चा है। मेंगलूरु के पुलिस आयुक्त पीएस हर्ष के भी तबादले की चर्चा है। पिछले महीने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर काबू पाने के लिए मेंगलूरु में पुलिस को गोली चलानी पड़ी थी जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।

शीर्ष पद की दौड़ में तीन अधिकारी
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक पुलिस महकमे के शीर्ष पद की दौड़ में पुलिस महानिदेशक संवर्ग के तीन अधिकारी हैं। इनमें आंतरिक सुरक्षा विभाग के प्रमुख असित मोहन प्रसाद, अपराध अनुसंधान विभाग के प्रमुख प्रवीण सूद, प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख पद्म कुमार गर्ग शामिल हैं। वरिष्ठता के आधार पर प्रसाद इस पद के प्रबल दावेदार हैं लेकिन उनकी सेवानिवृति में काफी कम समय है इसलिए सूद मजबूत दावेदार के तौर पर उभरे हैं। प्रसाद का कार्यकाल सिर्फ 10 महीने बचा है जबकि सूद का कार्यकाल अभी 4 साल 4 महीने बचा है। 1985 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी प्रसाद इस साल अक्टूबर में सेवानिवृत होंगे जबकि 1986 बैच के अधिकारी सूद मई 2024 में सेवानिवृत होंगे। सिर्फ 22 साल की उम्र में आईपीएस बन जाने के कारण सूद दूसरे अधिकारियों से इस दौड़ में आगे हैं। सचिवालय के गलियारों में चर्चा है कि सरकार वरिष्ठता के बजाय कार्यकाल को देखते हुए सूद को राज्य का नया पुलिस प्रमुख बना सकती है। हालांकि, इससे एक बार फिर एआर इंफेंट बनाम शंकर महादेव बिदरी वाली स्थिति बन सकती है। वरिष्ठता की उपेक्षा कर बिदरी को डीजीपी बनाए जाने के फैसले को इंफेंट ने प्रशासनिक पंचाट में चुनौती दी थी और फैसला भी उनके पक्ष में आया था। उच्च न्यायालय ने बिदरी की नियुक्ति को रद्द करते हुए इंफेंट को पुलिस प्रमुख बनाने का आदेश दिया था। हालांकि, बाद में उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय के आदेश को खारिज कर दिया था। 31 जनवरी को पुलिस महानिदेशक नीलमणि राजू के साथ ही दो अन्य डीजीपी स्तर के अधिकारी- एमएन रेड्डी और राघवेंद्र औरादकर भी सेवानिवृत होंगे।

Saurabh Tiwari
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