हिन्दू को भारत रत्न देने का विरोध नहीं

विधानसभा में विपक्ष के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने वीर सावरकर को भारत रत्न के प्रस्ताव पर अपनी आपत्तियों को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने केवल कहा था कि गांधी की हत्या करने के आरोपी को भारत रत्न नहीं दिया जाना चाहिए।

बेंगलूरु. विधानसभा में विपक्ष के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने वीर सावरकर को भारत रत्न से सम्मानित करने के प्रस्ताव पर अपनी आपत्तियों को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने केवल कहा था कि गांधी की हत्या करने के आरोपी को भारत रत्न नहीं दिया जाना चाहिए। इस बारे में मंत्री सी.टी. रवि की टिप्पणियों की तरफ ध्यान दिलाने पर उन्होंने कहा कि रवि एक संकुचित विचारधारा वाले राजनेता हैं। उन्होंने कहा कि वे भी एक हिन्दू हैं और उन्होंने किसी हिन्दू को भारत रत्न देने का विरोध नहीं किया है बल्कि हिन्दुत्व के नाम पर सांप्रदायिकता के बीज बोने और हिन्दुत्व के नाम पर आग लगाने वालों को यह पुरस्कार नहीं देने की बात कही है।

मैसूर में संवाददाताओं से बातचीत में दोबारा मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि जनता चाहेगी तो देखा जाएगा। राजनीति किस तरह करवट लेती है कुछ कहा नहीं जा सकता। अवसर मिला तो दुबारा मुख्यमंत्री बनूंगा और इसमें गलत भी क्या है?

उन्होंने कहा कि जातिवार जनगणना को लागू करने में राज्य सरकार की रुचि नहीं है। पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष कांतराज ने मुख्य सचिव को जातिवार जनगणना की रिपोर्ट पेश कर दी थी लेकिन रिपोर्ट को लागू करने की सरकार के पास इच्छाशक्ति नहीं है।

Santosh kumar Pandey
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