पालिका को संपत्ति कर बढ़ाने का अधिकार ही नहीं: पद्मनाभ रेड्डी

पालिका को संपत्ति कर बढ़ाने का अधिकार ही नहीं: पद्मनाभ रेड्डी

Ram Naresh Gautam | Publish: Mar, 14 2018 06:16:52 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

नेता प्रतिपक्ष पद्मनाभ रेड्डी ने कहा कि संपत्ति कर में बढ़ोतरी करने का अधिकार पालिका को नहीं है

बेंगलूरु. बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के नेता प्रतिपक्ष पद्मनाभ रेड्डी ने कहा कि संपत्ति कर में बढ़ोतरी करने का अधिकार पालिका को नहीं है। उन्होंने मंगलवार को बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि सरकार ने संपत्ति कर संग्रहण अधिक करने के उद्देश्य से साल 2013 में कराधान समिति गठित की है और शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव इसके चेयरमैन हैं और कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है। समिति सभी विषयों का निरीक्षण करने के बाद संपत्ति कर की दरों का निर्धारण करती है। समिति ने सिफारिश की तो पालिका की कर एवं वित्त स्थाई समिति बढोतरी कर सकती है। पालिका ने एक तरफा फैसला लेकर संपत्ति कर में बढ़ोतरी की है। जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को अधिक बोझ पड़ेगा। इसलिए इस फैसले को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने समिति तो गठित की, लेकिन सदस्यों की अवधि खत्म होने के बाद नए सदस्यों की नियुक्ति नहीं की। पहले सदस्यों की नियुक्ति कर फिर सभी विषयों पर चर्चा करने के बाद संपत्तिकर अधिक करने का फैसला लेना होता है।

युकां के कार्यक्रम से पालिका को क्या फायदा?
बेंगलूरु में हाल ही में कांग्रेस युवा सम्मेलन के लिए बेंगलूरु पैलेस के चारों तरफ के प्रमुख सड़कों का विकास किया गया और नई सड़कें बनाई गईं। इस सम्मेलन से पालिका को क्या लाभ हुआ, इसका खुलासा करने की जरूरत है। केन्द्र ने शहरी विकास योजना के तहत बेंगलूरु को कई करोड़ों रुपए जारी किए है। यह राशि कहां और किसके लिए खर्च की गई, इस सिलसिले में विस्तृत रिपोर्ट देने की जरूरत है। नए डायलिसिस केन्द्र स्थापित करने, पालतू जानवरों का अंतिम संस्कार करने दाहगृह स्थापित करने की बात कही गई है। पहले से डायलिसिस केन्द्रो में कई मशीनें खराब पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि नए बजट के जरिए नागरिकों को धोखा देने का प्रयास किया गया है। यह एक बन्डल और बोगस बजट है।

दो दिन में निर्माण कार्यों के आदेश पत्र जारी करो: महापौर
बेंगलूरु. महपौर संपतराज ने कहा कि किसी भी समय विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा हो सकती है इसलिए अगले दो दिनों में लंबित साल 2017 के निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश पत्र नहीं दिया तो अधिकारियों को सेवा से निलंबित किया जाएगा।
उन्होंने पालिका में सत्तारूढ़ दल के नेता एम. शिवराज के बयान पर कहा कि चुनाव नीति संहिता जारी हो सकती है। निर्माण कार्यों के आदेश पत्र जारी करने का निर्देश दिया था, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक आदेश पत्र जारी नहीं किया है। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सभी संयुक्त आयुक्त अपने क्षेत्रों कीफाईलों का पता लगाकर निर्माण कार्यों के आदेश पत्र जारी करें। वे खुद सभी क्षेत्रों का दौरा कर इसकी जांच करेंगे। आदेश जारी न करने वाले अधिकारियों की सूची तैयार कर अगली बैठक में उन्हें सेवा से निलंबित किया जाएगा।
महौपर ने बैठक में विशेष आयुक्त के उपस्थित नहीं होने पर नाराजगी जताई और उन्हें उपस्थित होने के निर्देश दिए। कुछ देर बाद चपरासी ने महापौर को बताया कि विशेष आयुक्त दफ्तर में नहीं है। इसी तरह वार्ड स्तर के निर्माण स्थाई समिति के चेयरमैैन इमरान पाशा भी गैर हाजिर थे। महापौर ने कहा कि वास्तव में देखा जाए तो खुद जनप्रतिनिधियों को उनके वार्डों की चिंता नहीं है।

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