शाहीन स्कूल मामले पर राज्य सरकार को नोटिस

Shaheen school: हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने शुक्रवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) से संबंधित एक नाटक के संबंध में शाहीन एजुकेशन सोसाइटी, बीदर (shaheen education society bidar) के नाबालिग छात्रों से अवैध रूप से पूछताछ करने के लिए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया।

बेंगलूरु. हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम से संबंधित एक नाटक के संबंध में शाहीन एजुकेशन सोसाइटी, बीदर के नाबालिग छात्रों से अवैध रूप से पूछताछ करने के लिए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। हालांकि कोर्ट ने विद्यार्थियों से पूछताछ पर अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया।

पुलिस को छात्रों से पूछताछ करने से रोकने के लिए अंतरिम निर्देश पारित करते हुए अदालत ने सरकार और पुलिस को 19 फरवरी तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा। कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर नागरिकता संशोधन अधिनियम से संबंधित एक नाटक के संबंध में शाहीन एजुकेशन सोसायटी, बीदर के नाबालिग छात्रों से अवैध रूप से पूछताछ करने के मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि लगभग 85 बच्चे, जिनमें से कुछ 9 वर्ष से कम उम्र के हैं, उनसे पुलिस ने पूछताछ की थी। इससे बच्चों के लिए माहौल बहुत प्रतिकूल हो गया है और बच्चों के मानसिक मनोविज्ञान पर असर पड़ा है।

बता दें कि शाहीन एजुकेशन सोसायटी ने 4,5 और 6 कक्षा के छात्रों के साथ पिछले महीने सीएए और एनआरसी पर एक नाटक का मंचन किया था। इसके लिए एक शिकायत के आधार पर बीदर के न्यू टाउन पुलिस स्टेशन में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और संसदीय कानूनों के बारे में नकारात्मक राय फैलाने के लिए स्कूल अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

CAA protest
Santosh kumar Pandey Desk
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